जेल अधीक्षक डी के पांडेय, जेलर अरुण कुशवाहा, डिप्टी जेलर विजय कुमार सुबह से ही व्यवस्था में लगे रहे । सुबह 7:00 से ही कतारों में खड़ी बहनों को मिलने का सिलसिला शुरू हुआ। सैकड़ों की संख्या में दूरदराज से पहुंची बहनों ने भाइयों के लिए मिठाई व अन्य सामान लेकर पहुंची, जेल प्रशासन ने इस खास दिन पर सुरक्षा और सुविधाओं का पूरा इंतजाम किया। कैदी भाइयों ने बहनों से राखी बंधवा कर आशीर्वाद लिया और बहनों ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
रिश्तों की यह डोर साबित करती है कि मोहब्बत और अपनापन किसी दीवार या सलाखों का मोहताज नहीं होता है। जेल में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंची बहनों की आंखें नम थी, सलाखों के बीच बंधा रिश्ता, लेकिन मोहब्बत की डोर उतनी ही मजबूत है।
