एसीपी भास्कर वर्मा का कहना है कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है लेकिन घटना के मुहाने के बाद लगता है कि मामला आत्महत्या का है पुलिस आत्महत्या के कारणाें की जांच कर रही है। मृतकों में अविनाश कुमार सिंह (28)और उसकी बहन अंजलि (25वर्ष )है।
गोविंदपुरम कॉलोनी के मकान संख्या एच-352 निवासी अविनाश कुमार सिंह इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) दिल्ली में कार्यरत थे।उनकी बहन अंजली निजी कंपनी में नौकरी करती थी।
घटना की जानकारी उस समय मिली जब शाम को उनकी मां घर पहुंची और दोनों बच्चों को घर में न देख फोन किया। मोबाइल बंद कमरे में बजता मिला। मां ने कमरे का दरवाजा खोलने की पहले खुद कोशिश की, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। शोर मचाने पर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और दरवाजा काटकर कमरे में दाखिल हुए। जहां दोनों भाई-बहन बेहोशी की हालत में पड़े दिखे। तत्काल दोनों को सर्वोदय अस्पताल में ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भास्कर वर्मा ने बताया कि पीड़ित परिजनों ने पुलिस कार्यवाही से इनकार किया है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों ने सल्फास खाया है और अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही दोनों की मौत हो चुकी थी। मौके से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है।
मृतकों की मां अध्यापिका तो पिता सीएसआईआर में है। उनका परिवार मूल रूप से जनपद हापुड़ के अयादनगर गांव निवासी हैं। उनका बड़ा भाई सुखवीर सिंह करीब 30 वर्ष पूर्व गोविंदपुरम में आकर बस गए थे। अविनाश कुमार सिंह इंटेलीजेंस ब्यूरो में दिल्ली की चाणक्यपुरी में तैनात थे ।
