विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत का निधन:गुरुग्राम में परिवार के साथ रहते थे, मुख्यमंत्री नायब सैनी समेत नेताओं ने जताया शोक

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हरियाणा के वरिष्ठ राजनीतिज्ञ और विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत का शनिवार को निधन हो गया। वे गुरुग्राम में रहते थे। हरियाणा राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे गहलोत गुरुग्राम क्षेत्र से विधायक रह चुके थे और एक स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में भी सदन पहुंचे थे। इनेलो में लंबे समय तक वरिष्ठ नेता के रूप में कार्यरत गहलोत बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उनके निधन पर शोक जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि हरियाणा के पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनका विनम्र स्वभाव और जनहित के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गोपीचंद गहलोत ने हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के पद पर अपनी सेवाएं दीं और राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभिन्न चुनावों में उनकी सक्रियता रही। गहलोत के निधन से हरियाणा की राजनीतिक में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन पर पूर्व सहयोगी और विभिन्न दलों के नेताओं ने दुख व्यक्त किया है। वे सादगी और जनसेवा के लिए जाने जाते थे। दिग्गज नेता को हरा कर बने डिप्टी स्पीकर भाजपा से 1991 में बगावत कर गुड़गांव सीट से निर्दलीय चुनाव में उतरे गोपीचंद गहलोत को पहले और दूसरे मुकाबले में कुछ खास सफलता नहीं मिली, लेकिन अपने तीसरे मुकाबले वर्ष 2000 के चुनाव में उन्होंने धर्मबीर गाबा जैसे दिग्गज नेता को हराकर परचम फहरा दिया। इस साल हुए चुनाव में प्रदेश की 11 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों का कब्जा था। ऐसे में निर्दलियों की मांग पर चौटाला सरकार ने गोपीचंद गहलोत को डिप्टी स्पीकर का पद दिया। इस खबर को अपडेट किया जा रहा है…