करनाल जिले की तरावड़ी अनाज मंडी में मार्किट कमेटी चेयरमैन पर मंडी प्रधान को थप्पड़ मारने के आरोप के बाद माहौल तूल पकड़ गया। घटना के विरोध में आज आढ़तियों ने जोरदार प्रदर्शन किया और चेयरमैन के इस्तीफे की मांग उठाई। आढ़तियों ने मंडी में काम बंद करने का ऐलान भी किया, हालांकि किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने की बात कही गई है। विवाद बढ़ने पर नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराने का प्रयास किया। कमिश्नर के दौरे के दौरान विवाद मंडी प्रधान सुभाष गुप्ता ने बताया कि गुरूवार को तरावड़ी अनाज मंडी में चंडीगढ़ से कमिश्नर खरीद व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान एडीसी करनाल और एसडीएम तरावड़ी भी मौजूद थे। बैठक के दौरान मंडी की समस्याओं को उठाया गया। इसी बीच ज्ञान प्रसाद नामक ट्रांसपोर्टर ने पिछले साल की माल ढुलाई के भुगतान न मिलने की बात कही और आगे काम करने में असमर्थता जताई। चेयरमैन के बयान से भड़का मामला सुभाष गुप्ता के अनुसार, ट्रांसपोर्टर की बात के दौरान चेयरमैन रणदीप ने टिप्पणी की, कि इन लोगों के पैसे नहीं आने चाहिए और इन्हें अंदर कर देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आढ़तियों ने स्कूटरों पर माल ढोया और मंडी के सभी आढ़ती गलत काम करते हैं। इस पर सुभाष गुप्ता ने मौके पर ही विरोध जताते हुए कहा कि चेयरमैन झूठ बोल रहे हैं और यदि एक भी आढ़ती दोषी साबित हो जाए, तो प्रशासन कार्रवाई कर सकता है। एसआईटी जांच में मिल चुकी क्लीन चिट मंडी प्रधान ने बताया कि पहले हुई जांच में एसआईटी ने आढ़तियों को क्लीन चिट दी थी। इसके अलावा डीएफएससी के साथ बातचीत के बाद ट्रांसपोर्ट भुगतान का मुद्दा भी सुलझ चुका है। इसके बावजूद चेयरमैन द्वारा सभी आढ़तियों को चोर बताना गलत है। रात को थप्पड़ मारने का आरोप सुभाष गुप्ता ने आरोप लगाया कि अधिकारियों के जाने के बाद उन्होंने चेयरमैन से इस बारे में बात की। इसके बाद रात करीब 8 बजे जब वे अपना स्कूटर लेने मार्किट कमेटी पहुंचे, तो चेयरमैन रणदीप ने पीछे से आकर उन्हें थप्पड़ मार दिया। उन्होंने कहा कि यह थप्पड़ सिर्फ उन्हें नहीं, बल्कि पूरी मंडी को मारा गया है। उन्होंने बताया कि वे सिर्फ तरावड़ी मंडी ही नहीं, बल्कि जिले की सभी मंडियों के प्रधान हैं और अन्य मंडियों से भी समर्थन मिल रहा है। मंडी बंद, किसानों को राहत घटना के बाद तरावड़ी मंडी के सभी आढ़ती एकत्रित हुए और मंडी को पूर्ण रूप से बंद करने का निर्णय लिया। हालांकि सुभाष गुप्ता ने स्पष्ट किया कि किसानों को परेशान नहीं किया जाएगा। किसानों का अनाज दुकानों पर उतरवाया जाएगा और उसकी सफाई भी की जाएगी, लेकिन जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक न तुलाई होगी, न बिक्री और न ही उठान किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो पूरे जिले की मंडियां बंद की जा सकती हैं। विधायक ने लिया संज्ञान, समाधान का भरोसा मामले की गंभीरता को देखते हुए नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी मंडी पहुंचे। उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है और इसकी पूरी जानकारी ली जा रही है। उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत कर जल्द समाधान निकालने का भरोसा दिया। मंडी में हुए इस घटनाक्रम के बाद आढ़तियों में भारी रोष है। वे इसे अपने सम्मान से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
करनाल में चेयरमैन पर प्रधान को थप्पड़ मारने का आरोप:तरवाड़ी मंडी में आढ़तियों का बवाल, इस्तीफे की मांग; काम बंद का ऐलान
