लखनऊ में गुरुवार को 65 साल के रिटायर्ड फौजी सत्यवीर गुर्जर CM जनता दरबार में पहुंचे। उन्होंने कहा- मैंने जहर खाकर आया हूं। वो गाजियाबाद की लोनी सीट से विधायक नंद किशोर गुर्जर के खिलाफ उत्पीड़न करने की शिकायत करने पहुंचे थे। हालांकि, उस वक्त सीएम योगी जनता दरबार में नहीं थे। आनन-फानन में रिटायर्ड फौजी को सिविल अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल, उनकी हालत ठीक है। एक रिटायर्ड फौजी को BJP विधायक से क्या परेशानी हुई? ये समझने के लिए ‘दैनिक भास्कर’ टीम गाजियाबाद के लोनी के सिरौली इलाके में सत्यवीर के घर पहुंची। हमारी मुलाकात रिटायर्ड फौजी के बेटे से हुई। उन्होंने कहा- BJP विधायक हमारा उत्पीड़न कर रहे हैं, हमारे घर में 13 दिन से बिजली नहीं है। विभाग के अफसर कहते हैं, आपके नाम पर जमीन नहीं है, हमने सारे दस्तावेज भी बनवाकर दिए। तब कहा गया कि विधायकजी से कहला दो। मेरे पापा बहुत परेशान थे। मगर वो ऐसा कदम उठाएंगे। ये नहीं सोचा था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… गांव में रसूखदार लोगों में शामिल सत्यवीर
गाजियाबाद जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर लोनी क्षेत्र में बागपत बार्डर के नजदीक सिरौली गांव है। गांव की आबादी करीब 85,00 है। यह गुर्जर बिरादरी बाहुल्य गांव है। इसी गांव के रहने वाले सत्यवीर गुर्जर एयरफोर्स में रहे हैं, जिन्हें पूरे गांव में सत्यवीर गनमैन के नाम से लोग जानते हैं। 12 बीघा जमीन होने के साथ गांव के बाहरी छोर पर घर से सटा ही इनका ईंट-भट्ठा है। गांव के लोगों से बातचीत करके हमें पता चला कि साल 2011 में इसी सिरौली गांव के रहने वाले किसान धर्मसिंह की हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप भट्ठा मालिक सत्यवीर गुर्जर और इनके बेटे और 3 अन्य लोगों पर लगा। पुलिस ने 5 लोगों को जेल भेज दिया। जिसके बाद ईंट भट्ठे पर ताला लटक गया और ईंटों का कारोबार बंद हो गया। यह सब पता करते हुए हमारी टीम रिटायर्ड फौजी के घर तक पहुंच गई। ये घर एक खाली जमीन पर बना हुआ था। बगल में एक ईट भट्ठा दिख रहा था, जोकि बंद पड़ा था। रिटायर्ड फौजी के 2 बेटे, दोनों वकील
सत्यवीर गुर्जर के घर में उनके अलावा पत्नी लक्ष्मी सिंह, 2 बेटे अतुल गुर्जर और अंकुर गुर्जर हैं। दोनों बेटे दिल्ली हाईकोर्ट के एडवोकेट भी हैं। 2 मंजिला घर में नीचे नौकर रहते हैं, और ऊपरी मंजिल पर परिवार रहता है। बाहर का कोई भी व्यक्ति इस मकान में आ नहीं सकता है। गुरुवार को जब दैनिक भास्कर की टीम इनके घर पहुंची तो पहले नौकर ने रोक लिया। ऊपर की मंजिल पर जाकर बताया, मीडियाकर्मी आए हैं। नीचे बिजली सप्लाई के लिए ट्रैक्टर से अल्टीनेटर चलाया जा रहा था, जिससे घर में बिजली के उपकरण चल रहे थे। करीब 10 मिनट बाद सत्यवीर गुर्जर का बड़ा बेटा अतुल आया, उसने बरामदे में चारपाई डाली। लखनऊ जाने की बात कहकर गए पिता हमने पूछा– क्या हुआ था? अतुल गुर्जर ने कहा- 19 अगस्त की सुबह मेरे पिता घर से कहकर गए थे कि मैं लखनऊ जा रहा हूं। उसके बाद उनसे बात भी नहीं हुई। वह पहले भी बाहर जाते रहे हैं, इसलिए कभी किसी ने ये नहीं सोचा कि वह गलत कदम उठा सकते हैं। 21 अगस्त की सुबह मेरे पिता के ही मोबाइल फोन से एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने पूछा, बागपत से बोल रहे हैं? आगे कहा कि मैं दरोगा बोल रहा हूं, आपके पिता हैं, इन्होंने जहर खा लिया है, इन्हें अस्पताल लाया गया है। इसके बाद मैंने अपने छोटे भाई अंकुर को कॉल करके पूरी बात बताई। लखनऊ में मेरा छोटा भाई अंकुर पहुंच गया है, बाद में उसने सिर्फ इतना बताया कि पापा आईसीयू में हैं। अधिकारी बोले- विधायक से कहला दो, कनेक्शन जुड़ जाएगा हमने पूछा– ऐसी क्या समस्या आ गई थी, जो सत्यवीर को ये कदम उठाना पड़ा? अतुल ने बताया- 10 अगस्त को हमारा बिजली कनेक्शन काट दिया गया। हमने जेई और बिजली विभाग के अधिकारियों को कॉल किया। मगर, हमारा कनेक्शन नहीं जोड़ा गया। हमने तमाम सिफारिश लगाईं, लेकिन उसके बाद भी बिजली का कनेक्शन नहीं जोड़ा गया। उसके बाद मेरठ से भाजपा विधायक और ऊर्जा मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर से भी बात की, लेकिन कनेक्शन नहीं जोड़ा जा सका। बिजली विभाग के अधिकारियों ने कहा, आपके नाम पर जमीन नहीं है, भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर से कहलवा दो कनेक्शन जुड़ जाएगा। इसके बाद हमने हर वो दस्तावेज तैयार कराया, जिससे बिजली कनेक्शन जुड़ सकता था। मगर किसी भी स्तर पर हमारी सुनवाई नहीं हुई। अतुल ने आगे कहा– बिजली का कनेक्शन कट जाने के बाद पिता बहुत परेशान हो गए थे। भाजपा विधायक कई बाद धमकी दिलवा चुके हैं, उनकी ऑडियो व अन्य साक्ष्य भी हमारे पास हैं। जल्द ही मीडिया के सामने रखे जाएंगे। मेरे पिता ने विधायक से जान का खतरा जताया था, इसकी शिकायत पुलिस प्रशासन में की, लेकिन सत्ता के विधायक हैं, इसलिए हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई। बेटे बोले- भाजपा विधायक से डरने वाले नहीं है
बेटे अतुल ने कहा- विधायक नंद किशोर गुर्जर ने एक बयान दिया है, जो 2011 के मर्डर केस का है। हम हाईकोर्ट से बरी कर दिए गए हैं। जिस व्यक्ति का 2011 में मर्डर हुआ, उस व्यक्ति ने 2013 तक पेंशन ली। कोई साक्ष्य हम पर साबित नहीं हुए। फोरेंसिक में भी आया कि यह मानव ब्लड नहीं है। हमारा पारिवारिक विवाद चल रहा है। 2006 का हमारा बिजली कनेक्शन काट दिया गया है। यह कहा गया कि आपके नाम फर्द में नाम नहीं है। मगर हमने 500 गज जमीन की रजिस्ट्री करा ली। विभाग में एक्सईएन और दूसरे अधिकारियों ने कागज फेंक दिए। हमारे पास वीडियो हैं, मैं इसलिए नहीं लड़ रहा कि क्या लड़ा जाए। आज भी हमारी बिजली कटी हुई है। हमारे ऊपर मर्डर केस के बरी केस के अलावा एक भी 151 का भी केस नहीं है। यदि भाजपा विधायक हमारे परिवार के खिलाफ इस तरह से बयान देंगे तो हम बिल्कुल भी डरने वाले नहीं हैं। अब डिपार्टमेंट की बात अधिकारी बोले- उनका पारिवारिक जमीन विवाद इस मामले में हमने लोनी के एक्सईएन हेमेंद्र सिंह से टेलीफोन पर बात की। उनका कहना है कि जहां पर सत्यवीर गुर्जर का घर बना है, उसमें 4 हिस्सेदार हैं। वह जमीन इनके खुद के नाम नहीं हैं। उस जमीन में इनकी बहन और 3 चचेरे भाइयों के नाम हैं। इनके नाम पर पूर्व से 3 किलोवाट का सिंगल फेस का घरेलू कनेक्शन था। इनके तीनों भाइयों ने इस पर आपत्ति जताई कहा कि जब घर की जमीन में नाम नहीं है, तो कनेक्शन गलत है। SDO ने मई 2025 में इन्हें नोटिस दिया कि अपने कनेक्शन सम्बंधी जमीन के दस्तावेज उपलब्ध कराएं। इसका कोई जबाव नहीं दिया गया। अगस्त में फिर से दूसरा नोटिस दिया गया। जिसके बाद 10 अगस्त को इनका बिजली कनेक्शन काटा गया। इन पर कई साल का 1,20,000 रुपए का बिल भी बकाया है, लेकिन इनका कनेक्शन बकाया बिल पर नहीं काटा गया। यह है कनेक्शन का नियम पावर कार्पोरेशन के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि घरेलू कनेक्शन किसी भी व्यक्ति या किराएदार को भी दिया जा सकता है। लेकिन जिसके नाम जमीन या वह घर है तो उनकी सहमति जरूरी है। इसके लिए सहमति के लिए भूमि स्वामी को लिखित में देना होता है। यदि जमीन का मालिक सहमति को खत्म कर लेता है तो फिर बिजली विभाग कनेक्शन काट देता है। सत्यवीर गुर्जर के मामले में कुछ ऐसा ही रहा होगा।
खुद को कारगिल योद्धा बताया, कहा- विधायक नंद किशोर अत्याचारी
लखनऊ में सत्यवीर के पास जो एप्लिकेशन मिली है, उसमें उन्होंने खुद को कारगिल योद्धा और पूर्व फौजी बताया है। सत्यवीर ने लोनी से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए सीएम योगी से सुरक्षा की गुहार लगाई। सीएम योगी को लिखे लेटर में सब्जेक्ट की जगह सत्यवीर ने लिखा- अत्याचारी विधायक नंद किशोर गुर्जर द्वारा लोनी की जनता एक प्रार्थी के ऊपर दमन और अत्याचार के संबंध में… सत्यवीर गुर्जर ने लेटर में सीएम योगी को इष्ट देव (भगवान रूप) लिखकर संबोधित किया। अब पढ़िए सत्यवीर ने दैनिक भास्कर से जो बताया… मैं नंद किशोर गुर्जर के अत्याचारों से हार गया
सत्यवीर ने कहा- कलश यात्रा के बाद से नंद किशोर गुर्जर मुझसे दुश्मनी रखने लगे। बिजली विभाग के एक्सईएन से कहकर मेरा 1.70 लाख रुपए बिजली का बिल भिजवा दिया। मेरा 50 हजार रुपए बिजली का बिल था, जो मैंने जमा कर दिया। नंद किशोर लोनी में दमनकारी नीति अपना रहे हैं। नंद किशोर ने चिरौड़ी के भगत सिंह की हत्या करवा दी थी। उस मामले में कुछ नहीं हुआ। नंद किशोर मेरी और मेरे परिवार की हत्या कराना चाहते हैं। मैं आज सुबह मुख्यमंत्री जनता दरबार पहुंचा। अंदर जाने से पहले ही सल्फॉस खा लिया। देश के लिए दो युद्ध लड़ा और जीता, लेकिन देश के अंदर हार गया। पढ़िए सत्यवीर गुर्जर ने जो कुछ सोशल मीडिया पर लिखा था… विधायक नंद किशोर बोले- मेरा इस केस से कोई लेना-देना नहीं
इस मामले पर भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर से दैनिक भास्कर ने बातचीत की। उन्होंने कहा- जिस व्यक्ति ने जहर खाया, उसको मैं नहीं जानता। न ही यह व्यक्ति कभी मुझसे मिला। अगर वह आरोप साबित कर देगा तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। पंचायत और विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं। इसलिए विरोधियों ने यह साजिश रची है। मैंने इस शख्स की जानकारी कराई। इसके भाई का एक वीडियो भी पहले सामने आया था। यह व्यक्ति फर्जी तरीके से नौकरी लगवाने के मामले में आर्मी से सस्पेंड हुआ था, जिसका केस चल रहा है। कुछ समय पहले इसी सत्यवीर गुर्जर और इसके बेटे ने एक आदमी का मर्डर किया था। उसकी लाश को भट्ठे में फेंक दिया था। लोनी थाने में दोनों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज है। दोनों उस मामले में जेल भी गए थे। विधायक ने कहा- यह व्यक्ति अपने भाई का मकान कब्जा रहा है। इस मामले में सीएम पोर्टल पर उसके भाई ने शिकायत की थी। इसमें बिजली विभाग ने कनेक्शन काटने का भी आदेश दिया। वह अपराधी है और उस पर अलग-अलग थानों में केस दर्ज हैं। मेरा इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं। मेरी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा। अब इस व्यक्ति को जेल नहीं जाना पड़े, इसलिए इस तरह के निराधार आरोप बना रहा। ……………
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