रामलला के दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। दर्शन हो भी जाते हैं, लेकिन एक फाइल के दर्शन करने के लिए अधिकारी के टेबल दर टेबल घूमते रहना पड़ता है। पहले टेबल पर बैठे अधिकारी से दर्शन लो, फिर फाइल दूसरी, तीसरी, चौथी टेबल से होती हुई पांचवीं पर पहुंचेगी। हर टेबल पर अधिकारी फाइल में कमियां निकालता रहेगा। ये कहना है उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का। राज्यपाल सोमवार को अयोध्या सीएसआर कॉन्क्लेव 2025 में शामिल हुईं। इस दौरान सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) फंड की स्वीकृति से जुड़ी फाइलों को लेकर उन्होंने कटाक्ष किया। अधिकारियों को दी सलाह
राज्यपाल ने अधिकारियों को सलाह देते हुए कहा कि फाइल अगर आपके टेबल पर आती है, तो वहीं उसकी सारी कमियां दूर कर उसे आगे भेजें। जब तक फाइल एसीएस (अपर मुख्य सचिव) तक पहुंचती है, उसमें सिर्फ कमियां ही रह जाती हैं। यह स्थिति केवल उत्तर प्रदेश में नहीं, बल्कि लगभग हर राज्य की है। शासन और प्रशासन को जनहित के कामों में तेजी दिखानी चाहिए, खासकर जब बात बच्चों और महिलाओं के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी हो। राज्यपाल ने अयोध्या धाम के 15 वार्डों में प्रस्तावित 70 नवसृजित आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों का शिलान्यास भी किया। विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडल प्राप्त खिलाड़ियों और छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया। आयोजन डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में हुआ। राज्यपाल आज राम नगरी में प्रवास की करेंगी। 15 कंपनियों के साथ CSR समझौता
राज्यपाल के सामने IRFC, कोलगेट-पामोलिव, सिग्नीफाई इंडिया (फिलिप्स), PGCIL, KM शुगर मिल, रौजागांव शुगर मिल, अमृत बॉटलर्स और पका ग्रुप समेत 15 से ज्यादा संस्थानों के साथ CSR समझौते हुए। जिसके तहत फंड से आंगनबाड़ी केंद्रों में कॉपी, किताबें, मोबाइल और शिक्षा से जुड़ी अन्य चीजें पहुंचाई जाएंगी। —————————- ये भी पढ़ें: भगवान सबके…आप क्यों चाहते हैं फंड आपकी पॉकेट में जाए?:बांके बिहारी प्रबंधन कमेटी से सुप्रीम कोर्ट ने पूछे तीखे सवाल, कल फिर होगी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बांके बिहारी कॉरिडोर मामले में मंदिर कमेटी से तीखे सवाल किए। कोर्ट ने पूछा- मंदिर निजी हो सकता है, लेकिन देवता सबके हैं। वहां लाखों श्रद्धालु आते हैं। मंदिर का फंड श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े विकास में क्यों नहीं इस्तेमाल हो सकता? आप क्यों चाहते हैं कि सारा फंड आपके पॉकेट में ही जाए? (पढ़ें पूरी खबर)
रामलला के दर्शन हो जाते हैं, फाइलों के नहीं:अयोध्या में राज्यपाल का तंज, बोलीं- हर टेबल पर अधिकारी कमियां निकालते हैं
