करनाल जिला के घरौंडा उप-स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिलाओं के साथ कथित मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद से करीब 36 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक पुलिस ने किसी भी पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज नहीं किया है। दोनों पक्षों की तरफ से लिखित शिकायत दी गई है और पुलिस ने ब्यान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं केंद्र में सीसीटीवी न होने से जांच में तकनीकी साक्ष्य नहीं मिल पाए हैं। इतना ही नहीं अब सोशल मीडिया पर भी एएनएम के मीम्स बन रहे है और वायरल किए जा रहे है। पुलिस ने दोनों पक्षों के लिए बयान घरौंडा थाना प्रभारी इंद्र कुमार ने बताया कि सरकारी अस्पताल में हुए विवाद को लेकर दोनों पक्षों की शिकायतें मिली हैं। दोनों को थाने में बुलाकर उनके बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है। सीसीटीवी नहीं मिलने से साक्ष्य जुटाने में दिक्कत पुलिस टीम ने उप-स्वास्थ्य केंद्र का मुआयना भी किया। इस दौरान यह जांच की गई कि कहीं केंद्र में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं या नहीं, ताकि फुटेज से घटना की सच्चाई सामने आ सके। जांच में पाया गया कि केंद्र में कोई भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा हुआ है, जिससे पुलिस को तकनीकी सबूत नहीं मिल पाए। 2 अप्रैल को हुआ था विवाद जानकारी के अनुसार 2 अप्रैल को आर्य नगर निवासी रूचिन गोयल अपनी भाभी रीतिका पत्नी सचिन को लेकर उप-स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। इसी दौरान नसीब विहार कॉलोनी निवासी कुलदीप भी अपनी भाभी ममता पत्नी राजेश कुमार को एएनसी कार्ड बनवाने के लिए लेकर आया था। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक जब वे केंद्र पहुंचे, तो एएनएम अपनी सीट पर मौजूद नहीं थी। कुछ देर बाद जब वह आई, तो पहले से ही गुस्से में थी और उसने कार्ड बनाने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गई। डंडे से हमला करने का आरोप रूचिन गोयल और कुलदीप ने आरोप लगाया कि एएनएम ने अपनी कुर्सी के पीछे रखा डंडा उठाकर हमला कर दिया। उनका कहना है कि डंडा कुलदीप को मारने के लिए उठाया गया था, लेकिन बचाव के दौरान वह ममता के हाथ में लग गया, जिससे वह घायल हो गई। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने घटना की वीडियो बनानी शुरू की तो एएनएम और ज्यादा आक्रामक हो गई। वीडियो बनाने पर भड़की एएनएम परिवार के लोगों का कहना है कि वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान एएनएम ने कॉलर पकड़ लिया और थप्पड़ मार दिए। साथ ही मोबाइल छीनने की कोशिश भी की गई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। आर्य नगर के रूचिन गोयल का आरोप है कि वह कई दिनों से अपनी भाभी रीतिका का एएनसी ग्रीन कार्ड बनवाने के लिए चक्कर काट रहे थे। पहले उन्हें पर्ची कटवाने को कहा गया और जब वे पर्ची कटवाकर लौटे, तो कार्ड बनाने से इनकार कर दिया गया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पूछा कि कार्ड कौन बनाएगा, तो एएनएम ने कहा कि “मुझे नहीं पता।” उनका कहना है कि वहां मौजूद अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया गया। बीच-बचाव करने पर भी मारपीट रूचिन गोयल ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उन्हें भी थप्पड़ मारा गया और उनका मोबाइल फेंक दिया गया। परिजनों का कहना है कि एएनएम ने गाली-गलौज भी की और धमकाने की कोशिश की, जिससे लोग सहम गए। एएनएम ने आरोपों को बताया निराधार वहीं एएनएम ममता ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि कुलदीप ने ही उनके साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें खरोंचे मारी। इस संबंध में उन्होंने भी पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस अब दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके। सोशल मीडिया पर वायरल हुई घटना घटना के बाद सोशल मीडिया पर मामले को लेकर जमकर चर्चा हो रही है। सरकारी अस्पताल में इलाज की जगह गर्भवती महिलाओं पर डंडा चलाने के आरोपों को लेकर लोग नाराजगी जता रहे हैं। सोशल मीडिया पर एएनएम को लेकर कई तरह के मीम्स भी वायरल हो रहे हैं। कुछ पोस्ट में एआई के जरिए एएनएम की तस्वीर बनाकर उसके हाथ में बड़ा डंडा दिखाया गया है। एक वायरल पोस्ट में लिखा गया कि “इंजेक्शन की जगह इब ये लागण लागे घरौंडा में तो, रोहतक पीजीआई आळे बेरा नहीं कुछ फेरबदल करैंगे या इंजेक्शन ही राखैंगे।
सोशल मीडिया पर ANM के बन रहे मीम्स:करनाल के अस्पताल में युवक से मारपीट का मामला; 36 घंटे बाद भी नहीं FIR
