हरियाणा कांग्रेस नेता दिव्यांशु बुद्धिराजा पंचकूला कोर्ट से बरी:तत्कालीन सीएम खट्टर का रोका था रास्ता, 8 साल बाद आया का फैसला

Spread the love

हरियाणा के पूर्व सीएम एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्‌टर के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस नेता दिव्यांशु बुद्धिराजा को पंचकूला कोर्ट ने बरी कर दिया है। दिव्यांशु बुद्धिराजा पर आरोप लगा था कि उन्होंने सीएम के कार्यक्रम में घुसकर प्रभावित किया है। सरकारी काम में बाधा और दंगा करने जैसी धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। दिव्यांशु बुद्धिराजा और पूर्व सीएम मनोहरलाल से जुड़े केस में 8 लोगों को गवाह बनाया गया था। सभी गवाह पुलिस कर्मचारी रहे हैं। जेएमआईसी अरूणिमा चौहान की कोर्ट ने आज इसमें फैसला सुनाते हुए दिव्यांशु बुद्धिराजा को बरी कर दिया। दिव्यांशु बुद्धिराजा पर 2018 में तत्कालीन CM मनोहर लाल के खिलाफ बेरोजगारी को लेकर फ्लैक्स बोर्ड लगाने पर भी केस दर्ज हुआ था। समन जारी होने के बाद जब दिव्यांशु कोर्ट में पेश नहीं हुए थे तो उन्हें कोर्ट ने भगोड़ा तक घोषित किया था। साल 2025 में दिव्यांशु बुद्धिराज इस केस में बरी हो चुके हैं। अब जानिए क्या है पूरा मामला… पंचकूला कॉलेज में खट्टर के काफिले में घुसे थे बुद्धिराजा : साल 2018 में दिव्यांशु बुद्धिराजा ने पंचकूला बेरोजगारी को लेकर प्रदर्शन किया था। दिव्यांशु पंचकूला के गवर्नमेंट कॉलेज सेक्टर-1 में युवाओं से मिलने पहुंचे तत्कालीन सीएम मनोहर लाल के काफिले में घुस गए और नारेबाजी की। इस मामले में केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया था। ‘मनोहर लाल- जवाब दो’ के पोस्टर भी लगाए : इसके बाद पंचकूला में ‘मनोहर लाल-जवाब दो’ के पोस्टर लगाए गए थे। जिसमें युवाओं को नौकरी देने से जुड़े सवाल पूछे गए थे। इस मामले में दिव्यांशु बुद्धिराजा पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान का केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने केस को आगे की कार्रवाई के लिए कोर्ट भेज दिया। ​​​​​​​लोकसभा चुनाव में खट्टर को दी थी चुनौती : कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव में दिव्यांशु बुद्धिराजा को करनाल सीट से तत्कालीन सीएम मनोहर लाल खट्टर के सामने मैदान में उतारा था। इस चुनाव में बुद्धिराजा प्रचार के दौरान सरकार को कई मामलों में खूब घेरा था। चुनावी नतीजे आए तो पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर 2 लाख 19 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत गए थे। उन्हें कुल 6 लाख 98 हजार 992 से ज्यादा वोट मिले थे, जबकि उनके प्रतिद्वंदी कांग्रेस के दिव्यांशु बुद्धिराजा को 4 लाख 80 हजार से ज्यादा वोट मिले थे। शुरुआत में कांग्रेस के दिव्यांशु बुद्धिराजा जरूर कुछ समय के लिए आगे निकले थे, लेकिन थोड़ी ही देर बाद पूर्व सीएम ने उन्हें पछाड़ दिया था। आखिर में बुद्धिराजा 2 लाख 19 हजार के अंतर से हार गए थे।