टटीरी सॉन्ग के निदेशकों की सफाई से मुश्किल में बादशाह:संधू ब्रदर्स ने विवादित बोल से झाड़ा पल्ला; बोले- संशोधन का अधिकार नहीं

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सिंगर एवं रैपर बादशाह की मुश्किलें अब और बढ़ती दिखाई दे रही है। इस बार बादशाह को किसी और ने नहीं, बल्कि टटीरी सॉन्ग के निदेशकों ने ही मुश्किलों में डाल दिया है। दरअसल, टटीरी गाने में स्कूली छात्राओं के चित्रण को लेकर मचे बवाल के बीच, वीडियो के निर्देशकों ने हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (HSCPCR) के सामने अपना पक्ष रखा है। गाने के निदेशक संधू ब्रदर्स महावीर सिंह संधू (माही संधू) और जोबन संधू ने गीत के विवादित बोलों पर अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनकी भूमिका केवल तकनीकी और दृश्य निर्देशन तक सीमित थी । उन्होंने कहा कि गाने के बोल लिखना, उनकी रचना और थीम पूरी तरह से गायक बादशाह और उनकी टीम के दायरे में था। निर्देशकों का लिरिक्स में किसी भी तरह का कोई संपादकीय नियंत्रण या संशोधन का अधिकार नहीं था। उन्होंने तर्क दिया कि समकालीन संगीत में इस तरह की भाषा शैली का उपयोग एक सामान्य प्रदर्शन शैली है।
बाल आयोग ने ये जबाव उन सभी शिकायतकर्ताओं को दिया है, जिन्होंने भी टटीरी सॉन्ग के खिलाफ आयोग को शिकायत दी थी। आयोग ने चिट्‌ठी भेजकर निदेशकों के जबाव के बारे में अवगत करवाया है। वीडियो में सभी कलाकार वयस्क निदेशकों ने वीडियो में किसी भी नाबालिग बच्चे का इस्तेमाल नहीं किया गया है। आयोग को भेजे गए जवाब में निर्देशकों ने जोर देकर कहा कि वीडियो में नजर आने वाले सभी कलाकार 18 वर्ष से अधिक आयु के वयस्क हैं। उन्होंने दलील दी, कि स्कूली वर्दी पहनकर अभिनय करने वाले सभी पात्र पेशेवर डांसर हैं, जिनकी उम्र और पहचान का सत्यापन आधार कार्ड के जरिए किया गया था। निर्देशकों ने आयोग को 15 महिला कलाकारों की सूची भी सौंपी है, जिनमें संचारी चक्रवर्ती, मानसवी सिंह, शिवानी निगम और अलका कुमारी जैसे नाम शामिल हैं। स्कूली वर्दी-बस्ते फेंकने के दृश्य पर सफाई वीडियो में छात्राओं द्वारा स्कूल बैग फेंककर डांस करने के दृश्य पर निर्देशकों ने कहा कि यह केवल एक ‘सिंबॉलिक’ (प्रतीकात्मक) और कलात्मक फिल्मांकन था। इसका उद्देश्य शिक्षा से दूरी बनाना नहीं, बल्कि युवा ऊर्जा और रचनात्मक स्वतंत्रता को दिखाना था। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल की वर्दी का उपयोग केवल एक ‘कॉस्ट्यूम’ के रूप में किया गया था और इसका किसी वास्तविक शैक्षणिक संस्थान से कोई लेना-देना नहीं है। यूट्यूब से हटाया गया वीडियो निर्देशकों ने आयोग को सूचित किया है कि विवाद और संवेदनशीलता को देखते हुए गायक बादशाह ने स्वयं इस म्यूजिक वीडियो को यूट्यूब और सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। उन्होंने इसे एक जिम्मेदार कदम बताया और कहा कि वे आयोग के किसी भी सुझाव या डिस्क्लेमर लगाने जैसे सुधारों के लिए तैयार हैं। सरकारी बस के इस्तेमाल पर दी जानकारी वीडियो में राज्य परिवहन जैसी दिखने वाली बस के इस्तेमाल पर निर्देशकों ने बताया कि इसके लिए ‘करण फिल्म प्रोडक्शन’ (लाइन प्रोड्यूसर) द्वारा विधिवत अनुमति ली गई थी और संबंधित विभाग को निर्धारित शुल्क का भुगतान भी किया गया था।