स्कूलों को बम की धमकी देने वाला बंगलादेशी अरेस्ट:गुरुग्राम पुलिस ने गुजरात से पकड़ा, बंगाल में बनवाए फर्जी कागजात; क्रिप्टो करेंसी में मिली पेमेंट

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गुरुग्राम में स्कूलों को झूठी ईमेल कर बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने एक बंगलादेशी नागरिक को अरेस्ट किया है। वह 9 साल पहले भारत आया था और फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनवा कर रह रहा था। पुलिस आरोपी को गुजरात से पकड़ कर लाई है। आरोपी की पहचान सौरभ विश्वास उर्फ माइकल (30) रुप में हुई है। आरोपी ने 12वीं तक की पढ़ाई की है, और वह बांग्लादेश का रहने वाला है। फिलहाल वह श्रीपल्ली बाजार, गोविन्दपल्ली जिला उत्तर 24 परगना, पश्चिम-बंगाल में रह रहा है। उसने 28 जनवरी को गुरुग्राम के कई स्कूलों में बम होने की ईमेल भेजी थी। इसके लिए उसे 250 USDT क्रिप्टो करेंसी के रूप में मिले थे। फर्जी भारतीय दस्तावेज बनवाए आरोपी से पुलिस पूछताछ में पता चला कि यहां पर फर्जी तरीके से दस्तावेज बनाकर रह रहा था। शुरुआत में यह मारुति में मजदूरी करता था। आरोपी को डिजिटल मार्केटिंग, ग्राफिक्स इत्यादि की जानकारी है। यह पिछले 5 वर्ष से डिजिटल मार्केटिंग में फ्रीलांसिंग का काम करता है। लगभग 300 जीमेल आईडी भेजी यह एक फेसबुक ग्रुप में जुड़ा हुआ था जहां पर इसका संपर्क मामुनूर राशिद नामक एक बांग्लादेशी व्यक्ति से हुआ। जिसने इससे जीमेल आईडी मांगी। इसके बदले में इसको USDT देने की बात कही। इसके बाद इसने लगभग 300 जीमेल आईडी मामुनूर राशिद को उपलब्ध करवाई। जिसके बदले इसको करीब 250 USDT क्रिप्टो करेंसी के रूप में मिले थे। इन्होंने एक मेल आईडी का प्रयोग इस घटना में स्कूलों में बम होने की झूठी ईमेल भेजने में किया गया। कई प्रदेशों में दी थी धमकी एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान ने बताया कि स्कूलों में डर का माहौल पैदा करने के लिए बम होने की झूठी ईमेल भेजी गई थी। इस संबंध में स्कूल के पदाधिकारियों की शिकायत पर पुलिस थाना साइबर क्राइम साउथ में केस दर्ज किया गया था। इसने न केवल गुरुग्राम बल्कि हरियाणा समेत दूसरे कई राज्यों के स्कूलों में इस तरह की थ्रेट दी थी। अहमदाबाद से पकड़कर लाई पुलिस उन्होंने बताया कि आरोपी को गुजरात के अहमदाबाद से पकड़ा गया है। कल उसे अहमदाबाद से लेकर टीम रवाना हुई थी। आज गुरुग्राम लाया गया है। वहां पर यह डिजिटल मार्केटिंग में फ्रीलांसिंग का काम करता है। इससे अभी और गहन पूछताछ की जानी है। जिससे कई और मामले खुल सकते हैं। हालांकि अभी इसकी पुरानी क्राइम हिस्ट्री सामने नहीं आई है।