यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं आज यानी बुधवार से शुरू होंगी। प्रदेश के 8033 केंद्रों पर हो रही इस परीक्षा के लिए कुल 53 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया हैं। लखनऊ में आदर्श कारागार समेत 121 केंद्रों पर 1 लाख 3 हजार 88 परीक्षार्थी शामिल होंगे। तीन स्तर पर पहरेदारी के लिए पुलिस के अलावा सात जोनल, 11 सेक्टर और 121 स्टैटिक मजिस्ट्रेट व 121 केंद्र और इतने ही बाह्य केंद्र व्यवस्थापक और 3600 कक्ष निरीक्षक लगाए गए हैं। लखनऊ के इन केंद्रों पर तैनात हुई एक्स्ट्रा फोर्स
माल, नगराम,मलिहाबाद व काकोरी समेत करीब दर्जन भर संवेदशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। शिक्षा विभाग के छह सचल दल केंद्रों का औचक निरीक्षण कर नकलचियों पर नजर रखेंगे। रात में प्रत्येक केंद्र की निगरानी के लिए टीमें गठित की गई हैं। केंद्रों पर मंगलवार शाम से ही पुलिस बल तैनात हो गया है। स्ट्रांग रूम में रखे प्रश्न पत्रों की कड़ी निगरानी की जा रही है। साथ ही सचल दल परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर स्ट्रांग रूम समेत अन्य व्यवस्थाएं परखी। बाहरी लोगों के प्रवेश पर रहेगी पाबंदी राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में बने कंट्रोल रूम से परीक्षा केंद्रों की हर गतिविधि की लाइव निगरानी होगी। DIOS राकेश कुमार ने मंगलवार को सभी केंद्र व्यवस्थापकों को नकल अध्यादेश के तहत सुचिता और पारदर्शिता के साथ नकलविहीन परीक्षा कराने के निर्देश दिए। परीक्षा के दौरान बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। बच्चों के बैठने की रहेगी व्यवस्था DIOS ने बताया कि सभी केंद्रों पर बच्चों के बैठने से लेकर शौचालय, रोल नम्बर चस्पा करने से लेकर परीक्षाओं से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों व कक्ष निरीक्षकों को रिजर्व में रखा गया है। किसी अधिकारी के अनुपस्थित होने ये तैनात होंगे। परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्र, स्टेशनरी आदि जरूरी सामग्री मुहैया कराई जा चुकी है। प्रश्न पत्र स्ट्रांग रूम में रखी डबल लॉक अलमारी में रखे गए हैं। परीक्षा के दौरान परीक्षा कक्ष के सीसी कैमरे संचालित होंगे। सबकी रिकॉर्डिंग होगी। सचल दल ने रात में परीक्षा केन्द्रों का जायजा लेकर तैयारियों को परखा। निगरानी में रहेंगे प्रश्नपत्र DIOS ने केंद्र व्यवस्थापकों से कहा कि स्टैटिक मजिस्ट्रेट और वाह्य केन्द्र व्यवस्थापक की मौजूदगी में सीसी कैमरे की निगरानी में स्ट्रांग रूम में रखी अलमारी खोलेंगे। अलमारी से विषय वार प्रश्न पत्र निकालेंगे। इन्हें अलमारी खोलने व बंद करने का समय और तारीख भी रजिस्टर में दर्ज करनी होगी। अब समझिए..यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर प्रदेश स्तर पर कैसी हैं तैयारी.. 12 मार्च तक चलने वाली इन बोर्ड परीक्षाओं में हाईस्कूल के 27 लाख 61 हजार 696 और इंटरमीडिएट के 25 लाख 76 हजार 82 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन हैं। प्रदेश में कुल 8033 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं, जिनमें 596 राजकीय, 3453 अशासकीय सहायता प्राप्त और 3984 स्ववित्त पोषित विद्यालय शामिल हैं। राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का शुभारंभ माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने परीक्षा से एक दिन पूर्व मंगलवार को शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), लखनऊ शिविर कार्यालय में स्थापित राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप इस वर्ष परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाया गया है। 18 जनपदों को संवेदनशील घोषित किया गया है, जबकि 222 परीक्षा केन्द्रों को अति संवेदनशील और 683 को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन केन्द्रों पर STF और LIU को पूरी परीक्षा अवधि में सक्रिय रखा जाएगा तथा अति संवेदनशील केंद्रों का दिन में दो बार निरीक्षण सुनिश्चित किया गया है। हर कक्ष में सीसीटीवी और लाइव वेबकास्टिंग परीक्षा की निगरानी के लिए प्रत्येक परीक्षा कक्ष में वॉयस रिकॉर्डरयुक्त दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके साथ राउटर, डीवीआर और हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सम्पूर्ण परीक्षा अवधि की लाइव मॉनिटरिंग वेबकास्टिंग के माध्यम से की जाएगी। परीक्षा केन्द्रों पर बनाए गए स्ट्रांग रूम 24×7 सीसीटीवी निगरानी में रहेंगे। इसके अतिरिक्त सभी 75 जनपदों के प्रत्येक परीक्षा केन्द्र के स्ट्रांग रूम, प्रश्नपत्र वितरण कक्ष और उत्तर पुस्तिका सीलिंग-पैकिंग कक्ष की भी ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। राज्य स्तरीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए 8033 केन्द्र व्यवस्थापक, 8033 बाह्य केन्द्र व्यवस्थापक, 8033 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 1210 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 427 जोनल मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। साथ ही 69 मंडलीय और 440 जनपदीय सचल दल गठित किए गए हैं। शासन स्तर से सभी 75 जनपदों और 18 मंडलों के लिए राज्य स्तरीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी की गई है, ताकि परीक्षा संचालन में किसी प्रकार की शिथिलता न रहे। लखनऊ से लेकर रीजनल सेंटर तक कंट्रोल सेंटर परीक्षार्थियों और अभिभावकों की सहायता के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम, लखनऊ में टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18001806607 और 18001806608 जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के टोल-फ्री नंबर 18001805310 और 18001805312 भी सक्रिय रहेंगे। ईमेल, फेसबुक, एक्स हैंडल और व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायत एवं सुझाव दर्ज कराए जा सकेंगे। प्रयागराज मुख्यालय के साथ-साथ वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर के क्षेत्रीय कार्यालयों में भी कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। नकल रोकने के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध नकल रोकने के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। आकस्मिक स्थिति के लिए सभी विषयों के अतिरिक्त रिजर्व प्रश्नपत्र सेट डबल लॉक अलमारी में सुरक्षित रखे गए हैं। उत्तर पुस्तिकाओं में चार रंगों में क्रमांक, परिषद का लोगो तथा सूक्ष्म “UPMSP” अंकन सहित विशेष सुरक्षा फीचर जोड़े गए हैं, जिससे अदला-बदली की संभावना समाप्त हो सके। इस वर्ष पहली बार यूपी संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षा की भी ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाएगी। अनुचित क्रियाकलाप पर होगा सख्त एक्शन प्रदेश में लागू ‘उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024’ के तहत प्रश्नपत्र निर्माण, मुद्रण, वितरण, मूल्यांकन आदि में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई का प्रावधान है। मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं में कदाचार युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है और सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए अपील की कि वे बिना तनाव और भय के आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें तथा इसे एक सकारात्मक अवसर के रूप में लें। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (बेसिक और माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा, माध्यमिक शिक्षा विभाग के सचिव चन्द्र भूषण सिंह, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी, शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डॉ महेन्द्र देव मौजूद रहे।
यूपी बोर्ड परीक्षा का आज से आगाज:लखनऊ में 121 केंद्रों पर होगी परीक्षा, मंत्री गुलाब देवी परीक्षा केंद्र पर बच्चों का करेंगी स्वागत
