गोरखपुर में नहीं सो रहे राजन जी महाराज:धमकी के बाद कथा सुनाकर शहर से बाहर निकल जा रहे, आयोजकों ने साधी चुप्पी

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गोरखपुर में कथावाचक राजन जी महाराज की टीम को गोली मारने की धमकी के बाद से राजन जी काफी निराश चल रहे हैं। आहत होकर राजन जी और उनकी पूरी टीम कथा को बीच में छोड़कर वापस जाने का मन बना लिया था, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने मना लिया था। धमकी के बाद से वो कथा के बाद गोरखपुर में नहीं सो रहे। रात्रि विश्राम के लिए शहर से बाहर जा रहे हैं। हालांकि, राजन जी कहां रात्रि विश्राम कर रहे, ये अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। कथा के बीच में वो 1 दिन अपने गांव भी गए थे। राजन जी धमकी से पहले गोरखपुर में आयोजक कुमुद त्रिपाठी की बहन के आवास पर रहते थे। उनके साथ 4 लोग और रहते थे। जबकि उनके टीम के लगभग 17 लोग GDA ऑफिस के ठीक सामने प्रताप साभागार क्षत्रिक भवन में रहते थे। दोनों के बीच की दूरी लगभग 200 मीटर है। खाने-पीने के लिए राजन जी का खुद का रसोइया उनके साथ चल रहा है। राजन जी फलाहारी, ड्राई फ्रूट और शुद्ध सात्विक भोजन खाते हैं। दाल, चावल, रोटी, सब्जी, दही और घी की व्यवस्था की गई है। इस पूरे मामले पर आयोजकों ने चुप्पी साधी है। 29 जनवरी को मंच पर चढ़ने को लेकर धमकी दी गई थी
गोरखपुर में राजन जी महाराज की राम कथा के तीसरे दिन 29 जनवरी को मंच पर चढ़ने को लेकर बवाल हो गया। उनके टीम मेंबर को गोली मारने की धमकी दी गई। राजन जी महाराज ने कहा कि मंच पर आने के लिए बवाल हो गया। हमारी टीम के साथ अभद्रता की गई। इसलिए हमने मंच पर लोगों को चढ़ाना ही बंद कर दिया। उन्होंने कहा- हमें दुख इस बात का है कि घटना हमारे घर में हुई। गोरखपुर हमारा घर है। 16 साल की यात्रा में पहली बार ऐसी घटना हुई। हमारे घर में बवाल हुआ है। हमारे टीम के लोगों को गोली मारने की धमकी दी गई है। अरे… किसी में हिम्मत है तो गोली मार के दिखाए। 4 फरवरी को राम कथा का समापन होगा गोरखपुर के चम्पा देवी पार्क में राजन जी महाराज की 9 दिवसीय श्री राम कथा 27 जनवरी से शुरू हुई। इसका समापन 4 फरवरी को होना है। कथा के तीसरे दिन यानी 29 जनवरी को आयोजकों का एक पक्ष किसी बात को लेकर कथावाचक की टीम के साथ भिड़ गया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों कहासुनी होने लगी। इसी बीच किसी ने राजन जी महाराज की टीम को जान से मारने की धमकी दे डाली। प्रकरण का पता चलते ही राजन जी महाराज ने वापस जाने का मन बना लिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एक जनप्रतिनिधि ने उन्हें मनाया। दोबारा ऐसा न होने का आश्वासन दिया। तब जाकर राजन जी महाराज और टीम यहां रुकी। हमसे मिलवाने के लिए कोई 1100 रुपए ले रहा, सावधान हो जाएं राजन जी महाराज ने घटना का जिक्र अगले दिन यानी 28 जनवरी को अपनी कथा में किया। कहा- 16 साल की इस यात्रा में पहली बार ऐसी बातें सामने आईं हैं। हम बोलते नहीं हैं। हम प्रेम से घर में कथा सुनाने आए हैं तो उसी प्रेम से सुनिए। एक बात कहूं, सुनने में आया है कि हमसे मिलवाने के लिए कोई 1100 रुपए ले रहा है, ऐसे लोग सावधान हो जाएं। राजन जी महाराज ने कहा- हम स्पष्ट बताते हैं कि धरती के किसी भी कोने में, देश-विदेश में, कहीं भी हम पैसा लेकर नहीं मिलते। मिलने का समय निश्चित होता है। हर कथा में दोपहर में 1 घंटे मिलते हैं। श्री राम कथा आयोजन समिति करा रही कथा इस श्रीराम कथा का आयोजन श्री राम कथा आयोजन समिति संस्था द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य आयोजकों में अशोक शुक्ल और कुमुद त्रिपाठी हैं। पूरे मामले में लोगों का कहना है- शुरू से कथा आयोजकों के बीच आपसी तालमेल न होने से ये सब बातें सामने आ रही हैं। गोरखपुर में कथा आयोजन में ऐसी बातें होना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। कथावाचक राजन महाराज के बारे में जानिए- ———————————- ये खबर भी पढ़िए- राजन जी महाराज ने गोरखनाथ के चरणों में टेका माथा: वैदिक मंत्रों के बीच की पूजा, श्रीराम चरित मानस भेंट की गई गोरखपुर पहुंचे कथावाचक राजन जी महाराज ने गुरू गोरखनाथ के चरणों में माथा टेका और उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ उनके छोटे भाई विनय तिवारी भी मौजूद रहे। मंदिर परिसर में पहुंचते ही वहां पहले से मौजूद श्रद्धालु राजन जी महाराज को देखने और उनसे आशीर्वाद लेने के लिए उमड़ पड़े। कई लोगों ने उनके साथ फोटो भी खिंचवाई। लोगों के स्नेह और सम्मान को स्वीकार करते हुए राजन जी महाराज धीरे-धीरे मंदिर की ओर बढ़े। पढ़ें पूरी खबर…