हरियाणा के करनाल में धान खरीद और भंडारण में हुए ₹3.54 करोड़ के घोटाले में लिप्त चार फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर समीर वशिष्ठ, संदीप शर्मा, यशवीर सिंह, लोकेश और सब इंस्पेक्टर रामफल को सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। डायरेक्टर अंशज सिंह की ओर से यह आदेश जारी किए गए हैं। घोटाले की जांच में सामने आया था कि अलग-अलग मंडियों और राइस मिलों में धान के स्टॉक में भारी कमी और फर्जी परिवहन दिखाकर सरकार को नुकसान पहुंचाया गया। इस मामले में सभी के खिलाफ आरोप तय हैं और मुकदमे भी दर्ज हैं। गांव दादुपुर रोडान निवासी किसान देविंदर कुमार की शिकायत पर उपायुक्त करनाल ने एसडीएम के नेतृत्व में जांच टीम गठित की थी। जांच में सामने आया कि मैसर्ज बटान फुड्स, गांव सलारु को 25 अक्तूबर 2025 तक 67013 बैग धान आवंटित किए गए थे। फिजिकल जांच में 33759 बैग यानी 12500.18 क्विंटल धान कम पाया गया। इस गड़बड़ी से सरकार को करीब 3,54,46,936 रुपए का नुकसान हुआ। इसके बाद मुकदमें दर्ज किए गए। अपने स्पष्टीकरण में पांचों ने कहा था कि उनका कार्य नियमानुसार है, इसमें कोई गलती नहीं। यहां देखिए ऑर्डर की कॉपी… यहां जानिए बर्खास्त इंस्पेक्टर-सब इंस्पेक्टर पर क्या-क्या आरोप… समीर वशिष्ठ पर पीआर इंचार्ज रहते बरती लापरवाही तत्कालीन इंस्पेक्टर समीर वशिष्ठ पर आरोप है कि उन्होंने धान की निगरानी में लापरवाही बरती। बटान फुड्स द्वारा जुण्डला के भाटिया ओपन प्लिंथ में बिना अनुमति धान रखा गया। इसके अलावा 12 ट्रकों में से 10 ट्रकों की दूरी शून्य किलोमीटर दिखाई गई। इनके खिलाफ 30 अक्तूबर 2025 को थाना सदर करनाल में मामला दर्ज किया गया। समीर वशिष्ठ ने 17 फरवरी 2026 को अपने जवाब में कहा कि पूरी खरीद प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई। संदीप शर्मा के खिलाफ 24 ट्रकों की दूरी शून्य दिखाई इंस्पेक्टर संदीप शर्मा पर आरोप है कि जुण्डला मंडी से जारी 66 ट्रकों में से 24 ट्रकों की दूरी शून्य किलोमीटर दर्ज की गई। उनके खिलाफ भी 30 अक्तूबर 2025 को केस दर्ज किया गया। उन्होंने जवाब में कहा कि सभी कार्य विभागीय नियमों के तहत किए गए। यशवीर सिंह ने स्टॉक और ट्रांसपोर्ट में अनियमितता बरती तत्कालीन इंस्पेक्टर यशवीर सिंह पर आरोप है कि घरौंडा मंडी से जारी 6 ट्रकों में से 3 ट्रकों की दूरी शून्य पाई गई। साथ ही स्टॉक में भारी कमी सामने आई। उनके खिलाफ भी 30 अक्तूबर 2025 को मामला दर्ज किया गया। उन्होंने 13 फरवरी 2026 को जवाब देते हुए आरोपों को नकारा। रामफल पर बिना अनुमति धान शिफ्ट करने का आरोप
सब इंस्पेक्टर रामफल पर आरोप है कि बीआरसी ओवरसीज, तरावड़ी में 855 मीट्रिक टन धान कम पाया गया, जिसे बिना अनुमति सग्गा मंडी में भेजा गया। उनके खिलाफ थाना तरावड़ी में मामला दर्ज किया गया। उन्होंने अपने जवाब में कहा कि उन्होंने अनुमति के लिए पहले ही पत्र भेज दिया था। लोकेश के खिलाफ भी गड़बड़ी उजागर इंस्पेक्टर लोकेश पर आरोप है कि निसिंग मंडी से भेजे गए 3 ट्रकों में से 2 ट्रकों की दूरी शून्य दिखाई गई और स्टॉक में भी कमी मिली। उनके खिलाफ भी 30 अक्तूबर 2025 को केस दर्ज किया गया। उन्होंने 03 फरवरी 2026 को अपने जवाब में कहा कि सभी कार्य नियमों के तहत किए गए। विभागीय छवि धूमिल, जांच जारी
डायरेक्टर की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इस घोटाले से सरकारी छवि को नुकसान पहुंचा है। पांचों अधिकारियों को बर्खास्त करने के बाद अब मामले की गहन जांच जारी है। अन्य संभावित जिम्मेदारों की भी पड़ताल की जा रही है।
5 फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर-SI बर्खास्त:करनाल में 33,759 बोरी धान गायब किए, ₹3.54 करोड़ का हेरफेर; जवाब में कहा था- कोई गलती नहीं
