दिल्ली पुलिस कमांडो काजल के मर्डर में खुलासा:लव मैरिज की, ससुराल में काले रंग पर मिले ताने, पति के राज जानती थी; डंबल मारकर हत्या

Spread the love

सोनीपत की रहने वाली और दिल्ली पुलिस में तैनात कमांडो काजल के मर्डर केस में कई तथ्य सामने आए हैं। परिवार का कहना है कि मर्डर वाली रात पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था, जिसकी जानकारी काजल ने फोन पर अपने भाई निखिल को दी थी। काजल ने अपने करियर, कर्ज, पारिवारिक जिम्मेदारियों और ससुराल में चल रहे तनाव से जुड़ी बातें बताईं। काजल ने कॉलेज समय के फ्रेंड अंकुर से शादी की थी। ससुराल वालों को वह नापसंदी थी। उसे काली बहू कहा जाता था। रंग की वजह से ताने मिलते थे। भाई निखिल का दावा है कि उसकी कमांडो बहन काजल अपने पति के अवैध कामों के कई राज जानती थी।

मजाक-मजाक में पति को कह देती थी, मेरठ कांड में तो बच गए थे, अब मैंने राज उगल दिया तो बच नहीं पाओगे। जिसको लेकर पति को डर रहता था। परिवार का आरोप है कि इसी वजह से पति ने सिर में डंबल मारकर काजल की हत्या की। काजल 5 माह का प्रेग्नेंट थी। अब सिलसिलेवार पढ़ें…पानीपत कॉलेज में प्यार होने से दिल्ली में मर्डर तक की कहानी

कॉलेज से शुरू हुई थी काजल-अंकुर की प्रेम कहानी काजल के भाई निखिल के अनुसार-काजल पानीपत के आर्य कॉलेज में बीएससी कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रही थी। साल 2020 में उसकी मुलाकात गन्नौर निवासी अंकुर से हुई, जो उस समय एसडी कॉलेज में पढ़ रहा था। धीरे-धीरे दोनों में बातचीत बढ़ी और यह दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों शादी करना चाहते थे, हालांकि शुरुआत में दोनों परिवार इसके खिलाफ थे। परिवारों की सहमति से लव कम अरेंज मैरिज
काजल ने अपने परिवार से साफ शब्दों में कह दिया था कि वह शादी करेगी तो अंकुर से ही, वरना नहीं करेगी। बेटी की जिद और खुशी के आगे परिवार झुक गया। अंकुर के परिवार ने हामी भरी और रिश्ता लेकर गन्नौर से काजल के घर पहुंचे। 23 नवंबर 2023 को दोनों परिवारों की आपसी सहमति से लव कम अरेंज मैरिज हुई।
पढ़ाई में अव्वल, शादी से पहले ही बनी कमांडो
मां मीना के अनुसार काजल शुरू से ही पढ़ाई में इंटेलिजेंट थी। शादी से पहले ही साल 2022 में उसने दिल्ली पुलिस की कमांडो यूनिट में नौकरी ज्वाइन कर ली थी। करीब छह महीने बाद अंकुर को रक्षा मंत्रालय में क्लर्क के पद पर नौकरी मिल गई। शादी के दिन से ही शुरू हो गई दहेज की मांग
मां मीना ने बताया कि 23 नवंबर 2023 को गन्नौर में बैंक्विट हॉल में तिलक-सगाई का कार्यक्रम हुआ था। बुलेट बाइक, सोने की चेन, सोने की अंगूठी और ₹2100 दिए थे।
लेकिन ससुराल पक्ष ने ताना मारना शुरू कर दिया कि सरकारी नौकरी वाले लड़के के हिसाब से ₹2100 बहुत कम हैं, कम से कम सवा लाख रुपये देने चाहिए थे। रंग-रूप पर ताने और दोबारा शादी की धमकी परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ ही दिनों बाद ससुर ओमप्रकाश ने कहा कि लड़की काली है और उन्हें पसंद नहीं है। इतना ही नहीं, काजल की ननद ने भी कथित तौर पर कहा कि वे अंकुर की दोबारा शादी करवा देंगे। इन तानों और अपमान से काजल अंदर ही अंदर टूटती चली गई। बच्चा पैदा होने के बाद घर से निकाला मां मीना ने बताया कि उसकी बेटी काजल के बच्चे के जन्म के महज 10 दिन बाद ही ससुराल वालों ने बच्चे को अपने पास रखकर काजल को घर से बाहर निकाल दिया। कहा कि बच्चा वे खुद पाल लेंगे।हालांकि शुरुआती दौर में झगड़ों के बावजूद अंकुर अक्सर काजल का पक्ष लेता था।
सितंबर 2025 में एक बड़े झगड़े के बाद अंकुर सामान पैक कर दिल्ली द्वारका चला गया। इस दौरान काजल की मां मीना कुछ दिन बेटी और बच्चों को संभालने के लिए साथ रहीं। परिवार का कहना है कि इसके बाद रिश्तों में और ज्यादा खटास आ गई। रुड़की सेंटर और काले राजों का शक
मां मीना ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि अंकुर और उसका दोस्त रवि रुड़की में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक केंद्र चलाते थे, जहां पेपर लीक करवाने के आरोप लगे।
उस केंद्र से जुड़े एक मामले में किसी की मौत हो गई थी, लेकिन अंकुर बच निकला था।
काजल को यह राज पता चल गया था, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच तनाव और बढ़ गया। मजाक-मजाक में पुलिस की बात, बनी जानलेवा वजह
परिजनों के अनुसार, जब भी तनातनी होती था तो काजल मजाक में कह देती थी कि रुड़की वाले मामले से तो बच गए, अगर मेरे साथ मारपीट की तो पुलिस में शिकायत कर दूंगी। यही बातें अंकुर को चुभने लगीं और उसे डर सताने लगा कि उसके राज खुल सकते हैं। 22 जनवरी को डंबल से की गई निर्मम हत्या इसी डर और गुस्से में 22 जनवरी को अंकुर ने काजल के सिर पर कई बार डंबल से वार कर उसकी हत्या कर दी। इस हमले में काजल के साथ-साथ उसके पांच महीने के अजन्मे बच्चे की भी जान चली गई। हत्या के बाद अंकुर ने खुद काजल के बड़े भाई निखिल, जो दिल्ली पुलिस में कमांडो हैं, को फोन कर वारदात की जानकारी दी। परिजन मौके पर पहुंचे और हालात देखकर पुलिस को शिकायत दी गई।बुधवार को दिल्ली पुलिस ने काजल का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया। पिता का दर्द: बेटी और मासूम दोनों को मार डाला गांव बड़ी निवासी काजल के पिता राकेश राज मिस्त्री हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने मेहनत-मजदूरी कर बेटी को पढ़ाया और कमांडो बनाया।
जब काजल पहली बार कमांडो की ड्रेस पहनकर घर आई थी, तो उन्होंने बेटी को गले लगाकर रोते हुए कहा था—“आज मेरा सपना पूरा हो गया।”
पिता ने कहा कि उनकी बेटी के साथ-साथ पांच महीने के मासूम की भी हत्या हुई है और वे आरोपियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई चाहते हैं।

दिल्ली पुलिस में नौकरी, कमांडो बनने का सपना
शादी से पहले वर्ष 2022 में काजल का चयन दिल्ली पुलिस में हुआ था। इससे पहले उसके भाई राकेश भी दिल्ली पुलिस में कार्यरत थे। भाई से प्रेरित होकर काजल ने सपना देखा था कि वह आगे चलकर दिल्ली पुलिस में कमांडो बनेगी।
काजल अपने परिवार में मां की सबसे लाडली थी। वह दिन में सबसे ज्यादा बातचीत अपनी मां से ही किया करती थी और परिवार से उसका भावनात्मक जुड़ाव काफी गहरा था।
अब पढ़िए… मर्डर वाली रात क्या हुआ और भाई को क्या बताया…
मर्डर वाली रात पति-पत्नी के बीच हुआ था विवाद:काजल के भाई निखिल ने बताया कि 22 जनवरी की रात को उसकी बहन काजल का फोन आया था। इस दौरान काजल काफी भावुक थी और उसने अपने जीवन से जुड़े कई पुराने किस्से भाई के साथ साझा किए थे। उसी रात पति-पत्नी के बीच झगड़ा भी हुआ था।
शादी से पहले 10 लाख का लोन, भाई को बताया था आधा सच:काजल और अंकुर की शादी तय होने के दौरान भाई निखिल ने काजल से कहा था कि वह 10 लाख रुपये का लोन ले ले ताकि शादी के खर्च पूरे किए जा सकें। उस समय काजल ने केवल 5 लाख रुपये का लोन लेने की बात अपने भाई को बताई थी।
22 जनवरी को किया बड़ा खुलासा:22 जनवरी की रात काजल ने अपने भाई निखिल को बताया कि उसने शादी से पहले पूरे 10 लाख रुपये का लोन लिया था, जिसमें से 5 लाख रुपये उसने अपने पति अंकुर को दे दिए थे। यह बात उसने पहले कभी किसी को नहीं बताई थी।
देवर की शादी के लिए 15 लाख की ज्वेलरी का विवाद: काजल ने भाई को बताया कि 22 जनवरी को अंकुर अपने भाई की शादी के लिए काजल के साथ करीब 15 लाख रुपये की ज्वेलरी खरीद कर लाया था। इसी बात को लेकर काजल नाराज थी। उसने कहा था कि उसका देवर उसे कभी ‘सॉरी’ तक नहीं बोलता और फिर भी उसके लिए इतना सब किया जा रहा है।
इस पर पति अंकुर ने काजल से कहा था कि उसका भाई ऐसा ही है और उसे एडजस्ट करना पड़ेगा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई थी।
कार की किस्त भी खुद भर रही थी काजल
काजल ने अपने भाई को यह भी बताया कि कुछ समय पहले एक कार खरीदी गई थी, जिसकी किस्त भी वही भर रही थी। आर्थिक जिम्मेदारियों का बोझ पूरी तरह काजल पर ही था।
भाई निखिल के मुताबिक काजल की सैलरी करीब 45 हजार रुपये प्रतिमाह थी, लेकिन सैलरी से ज्यादा रकम लोन और किस्तों में चली जाती थी। इसी आर्थिक दबाव के कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी।