इस साल गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार भारतीय सिनेमा की झांकी दिखाई जाएगी। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने इसे तैयार करने के लिए फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली के साथ काम किया है। यह झांकी 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर नजर आएगी। यह पहली बार है जब किसी फिल्म निर्देशक ने गणतंत्र दिवस पर भारतीय सिनेमा का प्रतिनिधित्व किया है। भंसाली ने अपनी फिल्मों ‘देवदास’, ‘बाजीराव मस्तानी’ और ‘पद्मावत’ के जरिए बेहतरीन विजुअल्स, म्यूजिक और भावनाओं को पेश किया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने बताया कि इस झांकी का मकसद भारतीय सिनेमा की रचनात्मकता और वैश्विक पहचान दिखाना है। इसे भारतीय सिनेमा के सांस्कृतिक महत्व और उसकी लोकप्रियता को सामने लाने के लिए तैयार किया गया है। आज की अन्य बड़ी खबरें… अटल पेंशन 2031 तक बढ़ाने को कैबिनेट की मंजूरी केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अटल पेंशन योजना (एपीवाई) को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। एपीवाई की शुरुआत 9 मई 2015 को असंगठित क्षेत्र के कामगारों को बुढ़ापे में आय सुरक्षा देने के लिए की गई थी। 19 जनवरी 2026 तक 8.66 करोड़ से ज्यादा लोग इससे जुड़ चुके हैं। योजना के तहत 60 वर्ष की उम्र के बाद ₹1,000 से ₹5,000 तक मासिक पेंशन की गारंटी मिलती है। नेशनल हाईवे पर टोल बकाया होने पर गाड़ी ट्रांसफर और फिटनेस नहीं मिलेगी नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स बकाया होने की स्थिति में अब वाहन का स्वामित्व ट्रांसफर नहीं हो सकेगा। ऐसे मामलों में न तो वाहन के लिए एनओसी जारी की जाएगी और न ही नया फिटनेस सर्टिफिकेट बनाया जाएगा। केंद्र सरकार ने टोल चोरी रोकने और डिजिटल टोल सिस्टम को मजबूत करने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 लागू किए हैं। इन नियमों के तहत केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 में बदलाव किया गया है। सरकार का मकसद नेशनल हाईवे पर टोल वसूली को सख्ती से लागू करना और बिना टोल चुकाए गाड़ी निकालने की समस्या को रोकना है। नए नियमों के अनुसार, राष्ट्रीय परमिट के लिए आवेदन करने वाली व्यावसायिक गाड़ियों पर कोई भी टोल बकाया नहीं होना चाहिए। अगर टोल बाकी है, तो गाड़ी से जुड़े फिटनेस और दूसरे जरूरी काम अटक सकते हैं। सरकार ने नियमों में पहली बार ‘अवैतनिक यूजर फीस’ की परिभाषा जोड़ी है। इसका मतलब वह टोल राशि है, जो किसी गाड़ी के नेशनल हाईवे से गुजरने पर इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में दर्ज हो गई हो, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया गया हो। इसके साथ ही फॉर्म-28 में भी बदलाव किया गया है। अब एनओसी के लिए आवेदन करते समय गाड़ी मालिक को यह बताना होगा कि किसी टोल प्लाजा पर उसकी गाड़ी के खिलाफ कोई टोल बकाया है या नहीं। अगर बकाया है, तो उसकी पूरी जानकारी देनी होगी। फॉर्म-28 का इस्तेमाल तब किया जाता है, जब गाड़ी को दूसरे राज्य या जिले में ट्रांसफर किया जाता है।
भास्कर अपडेट्स:गणतंत्र दिवस पर पहली बार सिनेमा की झांकी, संजय लीला भंसाली करेंगे प्रतिनिधित्व
