कुंभ से फिल्मों और सोशल मीडिया से बिग बॉस तक:2025 में वायरल एमपी की तीन गर्ल्स, एक पल ने बदल दी जिंदगी

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उनकी जिंदगी बिल्कुल आम थी और पहचान सीमित, लेकिन 2025 में वह तीनों सोशल मीडिया सेंसेशन बनीं और दूसरे ही पल उनकी जिंदगी बदल गई और वह सेलिब्रिटी बन गईं। यहां बात कर रहे हैं प्रयागराज महाकुंभ की भीड़ से लेकर टीवी के सबसे चर्चित रियलिटी शो बिग बॉस तक अपनी अलग पहचान बनाने वाली हर्षा रिछारिया, मोनालिसा और तान्या मित्तल की। अब साल 2025 खत्म हो रहा है, तो आने वाले साल को तीनों कैसे देखती हैं? भविष्य की क्या योजना है। इसे लेकर भास्कर ने तीनों से बात की। पढ़िए रिपोर्ट…. ग्लैमर का रास्ता छोड़कर अध्यात्म का रास्ता अपनाया
भोपाल की रहने वाली 31 वर्षीय हर्षा रिछारिया की कहानी आस्था और आधुनिकता के संगम की एक जटिल तस्वीर पेश करती है। उत्तर प्रदेश के झांसी में जन्मी हर्षा का परिवार भोपाल में रहता है, जहां उनके पिता दिनेश बस कंडक्टर और मां किरण एक बुटीक चलाती हैं। ग्लैमर की दुनिया से हर्षा का पुराना नाता रहा है। अध्यात्म के रास्ते पर आने से पहले वह एक सफल स्टेज एंकर, मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर थीं। इंस्टाग्राम पर उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग थी, जहां वह खुद को मेकअप आर्टिस्ट, सोशल एक्टिविस्ट और ट्रैवल ब्लॉगर के रूप में प्रस्तुत करती थीं। हर्षा की जिंदगी में एक आध्यात्मिक मोड़ तब आया जब लगभग दो साल पहले उनकी मुलाकात निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि से हुई। उनसे प्रभावित होकर हर्षा ने दीक्षा ग्रहण कर ली। हालांकि, उन्होंने अपनी प्रोफेशनल जिंदगी को पूरी तरह नहीं छोड़ा था। कैसे सुर्खियों में आईं
उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ 2025 के प्रयागराज महाकुंभ में आया। 4 जनवरी को जब निरंजनी अखाड़े की भव्य पेशवाई निकली, तो हर्षा संतों के साथ एक रथ पर आसीन नजर आईं। कैमरों की नजर जब उनके आकर्षक चेहरे पर पड़ी, तो तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर “महाकुंभ की सबसे सुंदर साध्वी” के नाम से वायरल हो गए। रातों-रात वह इंटरनेट पर चर्चा का केंद्र बन गईं। यह प्रसिद्धि अपने साथ एक बड़ा विवाद लेकर आई। उनके पहनावे और एक साध्वी के रूप में रथ पर बैठने को लेकर संत समाज का एक बड़ा वर्ग नाराज हो गया। शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “यह उचित नहीं है। इससे समाज में गलत संदेश फैलता है। धर्म को प्रदर्शन का हिस्सा बनाना खतरनाक है।” वहीं, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भी कहा कि जिस व्यक्ति ने यह तय नहीं किया है कि उसे संन्यास लेना है या विवाह, उसे भगवा वस्त्रों में शाही रथ पर बैठाना सर्वथा अनुचित है। विवाद इतना बढ़ा कि हर्षा मानसिक रूप से परेशान हो गईं और उन्होंने बीच में ही महाकुंभ छोड़ दिया। वह उस दौर को याद करते हुए बताती हैं, “मैं बहुत परेशान हो गई थी। सोशल मीडिया पर अब सनातन का प्रचार करती है
महाकुंभ के बाद हर्षा की जिंदगी पूरी तरह बदल गई। उन्होंने ग्लैमर की दुनिया को अलविदा कह दिया और पूर्ण रूप से साध्वी का जीवन अपना लिया। अब वह अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल केवल सनातन संस्कृति और धर्म से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के लिए करती हैं। वह कहती हैं, “मैं पहले से सोशल मीडिया पर सक्रिय थी, कुंभ ने मुझे और बड़ा मंच दे दिया। अब मैं धर्म से जुड़े मुद्दों को वोकल होकर उठाती हूं, जिसकी वजह से मुझे आए दिन धमकियां भी मिलती हैं, पर अब मुझे इसकी आदत हो गई है।” प्रसिद्धि के बाद उन्हें कई फिल्मों के ऑफर भी आए, लेकिन हर्षा ने साफ कर दिया है कि उनका लक्ष्य अब अभिनय नहीं, बल्कि धर्म का प्रचार करना है। वह एक साधारण परिवार से आकर असाधारण प्रसिद्धि और विवादों का सामना करते हुए अपने चुने हुए रास्ते पर आगे बढ़ रही हैं। कुंभ में रुद्राक्ष की माला बेचने से सुर्खियों में आईं
मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के पवित्र शहर महेश्वर की गलियों से निकलकर फिल्मी दुनिया के सेट तक पहुंचने वाली 17 वर्षीय मोनालिसा भोंसले की कहानी किसी सपने के सच होने जैसी है। एक बेहद गरीब परिवार में जन्मी मोनालिसा का परिवार पीढ़ियों से मेलों और धार्मिक आयोजनों में रुद्राक्ष की माला बेचकर गुजारा करता है। अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ी होने के कारण परिवार की जिम्मेदारी उन पर जल्दी आ गई। वह बताती हैं, “मैं सिर्फ एक दिन स्कूल गई थी। वापस आकर मैंने घरवालों से कहा कि मुझे पढ़ाई नहीं करनी है, क्योंकि अगर मैं नहीं कमाऊंगी तो मेरे छोटे भाई-बहनों का खर्च कौन उठाएगा।” इसके बाद उन्होंने पढ़ाई का विचार हमेशा के लिए त्याग दिया। फेमस हुई तो खुशी से ज्यादा डर लगा
2025 का प्रयागराज महाकुंभ उनके लिए भी बस एक काम का जरिया था। वह अपने परिवार के साथ माला बेच रही थीं, जब एक कंटेंट क्रिएटर ने उनकी मंत्रमुग्ध कर देने वाली खूबसूरत आंखों और मासूम मुस्कान को अपने कैमरे में कैद कर लिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गया। लोगों ने उन्हें ‘महाकुंभ की मोनालिसा’ का नाम दिया और देखते ही देखते वह एक नेशनल सेंसेशन बन गईं। इस अचानक मिली प्रसिद्धि से उनका परिवार अनजान और भयभीत था। मोनालिसा बताती हैं, “एक रात मैं टेंट में सो रही थी। अगली सुबह उठी तो बाहर सैकड़ों मीडिया वाले कैमरे लेकर खड़े थे। मुझे लगा कि कोई नेता आने वाला है या हमारा टेंट हटाया जाएगा।” जब उन्हें पता चला कि यह भीड़ उनके लिए है, तो खुशी से ज्यादा डर का एहसास हुआ। फिल्मों और मॉडलिंग के मिले ऑफर
कुंभ से लौटने के बाद मोनालिसा को फिल्मों और मॉडलिंग के अनगिनत ऑफर आने लगे। शुरुआत में उनके परिवार ने साफ इनकार कर दिया, क्योंकि वे इस ग्लैमर की दुनिया से परिचित नहीं थे। लेकिन मोनालिसा ने अपनी मां को समझाया, ‘मैं बार-बार वायरल हो रही हूं, लगातार ऑफर आ रहे हैं। यह भगवान की ही इच्छा है, मेरी किस्मत बदलने वाली है।’ आखिरकार, परिवार मान गया और फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने उन्हें उनकी पहली फिल्म ऑफर की। आज मोनालिसा 3 फिल्में कर चुकी हैं और हैदराबाद में अपनी अगली तेलुगु फिल्म की शूटिंग कर रही हैं। हालांकि, इस नई दुनिया में भी उन्होंने अपनी शर्तें रखी हैं। उनकी पहली शर्त होती है कि वह किसी भी फिल्म में वेस्टर्न कपड़े नहीं पहनेंगी। डायरेक्टर के मानने पर ही वह फिल्म साइन करती हैं। कभी स्कूल का मुंह न देखने वाली मोनालिसा अब हिंदी पढ़ना सीख रही हैं। उनका सपना है कि वह अपने गांव में एक स्कूल बनवाएं ताकि उनके जैसी कोई और लड़की पढ़ाई से वंचित न रहे। अपनी पहली फिल्म के डायरेक्टर पर लगे शोषण के आरोपों पर वह कहती हैं, मैं इन आलोचनाओं पर ध्यान नहीं देती। मेरा परिवार मेरे हर फैसले में मेरे साथ है और मैं जहां भी शूटिंग पर जाती हूं, वे मेरे साथ होते हैं। 19 साल की उम्र में शुरू किया स्टार्टअप
ग्वालियर की 25 वर्षीय तान्या मित्तल उस युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। चंडीगढ़ से आर्किटेक्चर की पढ़ाई करने वाली तान्या ने 2018 में ‘मिस एशिया टूरिज्म’ का खिताब जीतकर ग्लैमर की दुनिया में कदम रखा। 19 साल की उम्र में उन्होंने ‘हैंडमेड लव बाय तान्या’ नाम से अपना ब्रांड शुरू किया। तान्या की असली पहचान एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में बनी। उन्होंने भारत के प्राचीन मंदिरों पर 60-एपिसोड की एक सीरीज बनाई, जिसमें वह मंदिरों के इतिहास, मान्यताओं और कहानियों को बताती थीं। इस सीरीज को दर्शकों ने खूब पसंद किया और वह एक स्टार इन्फ्लुएंसर बन गईं। बिग बॉस शो की मास्टरमाइंड बनीं
उनकी जिंदगी में सबसे बड़ा उछाल तब आया जब उन्हें 2025 में भारत के सबसे बड़े रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में हिस्सा लेने का मौका मिला। शो में उन्होंने अपनी अमीरी और शाही जीवनशैली के किस्से इतने बढ़ा-चढ़ाकर सुनाए कि दर्शक उनके बारे में जानने के लिए उत्सुक हो गए। उन्होंने ग्वालियर स्थित अपने घर को ‘महल’ और ‘स्वर्ग’ जैसा बताया, जिसके आगे 7-स्टार होटल भी फीके हैं। अपने तेज दिमाग और रणनीतिक खेल के कारण उन्हें ‘बिग बॉस की मास्टरमाइंड’ कहा जाने लगा। वह शो तो नहीं जीत पाईं, लेकिन फाइनलिस्ट बनकर उन्होंने करोड़ों लोगों का दिल जीत लिया। शो से बाहर आने के बाद उनकी लोकप्रियता आसमान छू रही है। मीडिया इंटरव्यू में तान्या खुद को एक ‘सेल्फ-मेड’ महिला बताती हैं। उनका दावा है कि उन्होंने अपना बिजनेस महज 500 रुपए से शुरू किया था और आज वह करोड़ों की कंपनी की मालिक हैं। आज तान्या एक सफल उद्यमी, एक टॉप इन्फ्लुएंसर और एक यूथ आइकॉन हैं। वह ब्रांड प्रमोशन, इवेंट्स और मोटिवेशनल स्पीकिंग के जरिए लाखों कमा रही हैं।