न ज्यादा खट्टे, न बेस्वाद, हर फांक रसीली, क्यों इतना अलग हैं रमाड़ी के संतरे

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Ramari Oranges : पहले जहां संतरे केवल स्थानीय मंडियों तक सीमित रहते थे, अब बाहरी व्यापारियों की आमद से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है. इससे गांव के कई परिवारों की आजीविका मजबूत हुई है और बागवानी के प्रति लोगों का रुझान भी बढ़ा है. रमाड़ी के संतरों की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए उद्यान विभाग ने इसे प्रदेश भर में फैलाने की योजना तैयार की है.