उन्होंने किसानों से बोए गए बीजों, उपयोग किए गए उर्वरकों व कीटनाशकों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि जिले में क्रॉप कटिंग प्रयोग के आधार पर ही धान सहित अन्य फसलों की औसत उपज और उत्पादन के आधिकारिक आंकड़े तैयार किए जाते हैं। इन्हीं आंकड़ों के माध्यम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित कृषि उत्पादन से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए डेटाबेस तैयार किया जाता है।
उन्होंने किसानों को खेती में नवीनतम तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों के उपयोग के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इससे उत्पादन में वृद्धि के साथ लागत भी कम होगी। कार्यक्रम के दौरान राजस्व निरीक्षक सुभाष जेमीनी, पीयूष नौटियाल, ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य और इंश्योरेंस कर्मी मौजूद रहे।
