राज्य के गन्ना विकास मंत्री बहुगुणा ने बैठक में संबंधित अधिकारियाें काे निर्देश दिए कि चीनी मिलों की मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य इस प्रकार किया जाय कि आगामी पेराई सत्र 2025-26 के दौरान तकनीकी, नो-केन बन्दियों का सामना न करना पड़े। साथ ही चीनी मिलों की क्षमता के अनुसार गन्ने की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाय। उन्होंने कहा कि गत वर्ष 2024-25 के सापेक्ष इस पेराई सत्र 2025-26 में कम से कम 65 प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान चीनी मिलों द्वारा अपने संसाधनों से किया जाय, जिससे राज्य सरकार पर गन्ना मूल्य भुगतान की निर्भरता में कमी लायी जा सके।
चीनी मिलों में कृषकों के रहने, शौचालय, पेयजल एवं पंचर बनाने वाले आदि के लिए पूर्व में की गयी व्यवस्था अनिवार्य रूप से चीनी मिलों द्वारा समीक्षा कर ली जाय। कृषकों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु गोष्ठियों आयोजित की जाय। मंत्री ने प्रदेश में संचालित कोल्हू के संबंध में एक सप्ताह में रिपोर्ट भी मांगी। बैठक में अपर सचिव गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग प्रकाश चन्द्र दुम्का, आयुक्त गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग त्रिलोक सिंह मार्तोलिया, महाप्रबन्धक उत्तराखण्ड शुगर्स एवं समस्त चीनी मिलों के प्रधान प्रबन्धक और अधिशासी निदेशक आदि मौजूद रहे।
