स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड इस पर लगभग तीन करोड़ 48 लाख रुपये खर्च करेगा। इसके विस्तृत अनुमान को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इसका उद्देश्य मंडी के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर किसानों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि इन विकास कार्य के तहत मंडी के अंदर की मुख्य सड़कें और सर्विस रोड की विशेष मरम्मत की जाएगी। साथ ही मंडी परिसर में बूथों के आसपास पार्किंग क्षेत्रों में इंटरलॉकिंग कंक्रीट ब्लॉक लगाए जाएंगे। इससे वाहनों की पार्किंग और आवाजाही सुगम हो सकेगी।
बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या को देखते हुए एक विशेष बरसाती पानी की लाइन डाली जाएगी। इसके साथ एक पंप कक्ष और संग्रह टैंक का निर्माण भी किया जाएगा, ताकि पानी की निकासी का उचित प्रबंधन हो सके। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंडी की चारदीवारी की मरम्मत होगी और लोहे के कांटेदार तार की बाड़ लगाई जाएगी। इसके अलावा मंडी में दो नए मुख्य द्वार का भी निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए 450 दिनों की समय सीमा तय की गई है। इस मौके पर एसडीएम अनिरुद्ध यादव (आईएएस) , डीएमयू जगजीत कादियान, कार्यकारी अभियंता शुभम अग्रवाल, एसडीओ ललित सिहाग, जेई आशुतोष शिवाच, मार्केट कमेटी सचिव सुनीता फोगाट आदि मौजूद रहे।
