उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए पाँच करणीय कार्य निर्धारित किए हैं, जिसमें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी का बोध, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों का पालन हम सभी को करना है। मनोज अग्रवाल ने कहा कि संघ की 100 वर्ष की यात्रा में प्रारंभ में उपेक्षा हुई, फिर विरोध और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा, लेकिन अब समाज की संघ से अपेक्षाएँ बढ़ी हैं। राष्ट्र निर्माण में संघ की भूमिका को अब सम्मान और विश्वास की दृष्टि से देखा जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आर.के. ठाकरे एवं नगर संघ चालक संदीप गुप्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने घोष (बैंड) के साथ वार्ड केे प्रमुख रास्तों पर पथ संचलन किया। इस दौरान राष्ट्रभक्त नागरिकों एवं मातृशक्तियों ने जगह-जगह स्वयंसेवकों पर पुष्प वर्षा की और ‘भारत माता की जय’ के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
