यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद की खंडपीठ ने छात्र नेता अजय सम्राट की याचिका पर सुनवाई के बाद बुधवार को दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है।
अजय सम्राट के खिलाफ कर्नलगंज थाने में रंगदारी मांगने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई थी। अजय सम्राट ने एफआईआर को चुनौती देते हुए यह याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया था कि अजय सम्राट ने महाकुम्भ के दौरान हुए कार्यों को लेकर पीडीए के भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। इसी खुलासे के बाद अजय सम्राट के खिलाफ दबाव बनाने के लिए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
