गोरखपुर में आग भड़कने पर NDRF का ऑपरेशन:दीवार काटकर बाहर निकाले गए लोग, सफल मॉकड्रिल पर अफसर बोले-सब ठीक है

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गोरखपुर में जिला प्रशासन को मानबेला स्थित अंबेडकर पार्क के कम्युनिटी सेंटर में आग लगने और भवन का हिस्सा टूटने की सूचना मिली। बताया गया कि कई लोग अंदर फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग, SDRF, NDRF और नागरिक सुरक्षा की टीमें मौके के लिए रवाना हो गईं। राहत टीमों को जल्दी पहुंचाने के लिए यातायात पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया। दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर कराई गई मल्टी हजार्ड मॉक ड्रिल का हिस्सा था। NDRF नई दिल्ली के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के 10 और मध्य प्रदेश के दो जिलों समेत कुल 12 जिलों में यह अभ्यास कराया गया। गोरखपुर में सुबह 5:30 बजे NDRF कंट्रोल रूम की ओर से जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर को काल्पनिक हादसे की सूचना दी गई थी।
आग बुझाकर लोगों को बाहर निकाला गया
सूचना मिलते ही जिले में इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम लागू किया गया। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के नेतृत्व में पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व, SDRF और नागरिक सुरक्षा की टीमों को मौके पर भेजा गया। NDRF ने यह भी देखा कि अलग-अलग विभाग कितनी जल्दी घटनास्थल तक पहुंचे और आपस में कैसे काम किया। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। भवन की पहली और दूसरी मंजिल पर फंसे लोगों को सीढ़ी के सहारे नीचे उतारा गया। SDRF और नागरिक सुरक्षा की टीमों ने घायलों को स्ट्रेचर से बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया और एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। दीवार काटकर निकाले गए फंसे लोग
NDRF की डॉग स्क्वॉड टीम ने भवन के अंदर लोगों की तलाश की। इसके बाद NDRF ने कमांड पोस्ट और मेडिकल पोस्ट बनाकर राहत अभियान चलाया। टीम ने टूटी हुई दीवार को काटकर अंदर फंसे दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और इलाज के लिए पीएचसी चरगांवा भेजा। मॉक ड्रिल में स्वास्थ्य विभाग की दो एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, SDRF, डॉग स्क्वॉड, नागरिक सुरक्षा के 35 वार्डन, 12 आपदा मित्र और जिला आपदा प्रबंधन की टीम शामिल रही। अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास का मकसद आपदा के समय सभी विभागों की तैयारी और तालमेल को जांचना था। DIG NDRF ने किया निरीक्षण
मॉक ड्रिल का निरीक्षण DIG NDRF वाराणसी मनोज कुमार ने डिप्टी कमांडेंट अनिल कुमार पाल के साथ मौके पर पहुंचकर किया। कार्यक्रम का संचालन जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने किया।