यूपी में पुलिस के अफसर और जवान लगातार सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। बड़े अफसरों की बार-बार चेतावनी के बावजूद उनकी रीलबाजी थम नहीं रही है। मुजफ्फरनगर में अभी 4 दिन पहले ही रील बनाने के आरोप में एक दरोगा और कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया। इसके बाद शनिवार को STF चीफ और अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने सख्त आदेश जारी किया। उन्होंने साफ कहा है कि रीलबाज पुलिस अफसर और जवानों को बख्शा नहीं जाएगा। सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई होगी। आदेश में कहा गया है- यूपी पुलिस के लिए 8 फरवरी, 2023 को ‘सोशल मीडिया पॉलिसी’ जारी की गई थी। इसके बावजूद सेवारत (सर्विस में मौजूद) और ट्रेनी (प्रशिक्षु) पुलिसकर्मी लगातार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। वे सोशल मीडिया पर रील्स और अन्य माध्यमों से आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रहे हैं। इससे न केवल उनका सरकारी काम प्रभावित हो रहा, पुलिस की गरिमा और छवि को भी गहरा धक्का लग रहा है। 2 तस्वीरें देखिए आदेश की 3 बड़ी बातें… 1. पहचान कर तुरंत कार्रवाई होगी: सभी जिलों को आदेश दिया गया है कि वे अपने ऐसे पुलिसकर्मियों की पहचान करें, जो सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन कर रहे हैं। उनके खिलाफ तुरंत विभागीय एक्शन लें। 2. हर महीने देना होगा हिसाब: सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट हर महीने पुलिस मुख्यालय को भेजनी होगी। 3. URL के साथ रखा जाएगा पूरा रिकॉर्ड: पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट भेजने के साथ-साथ उस आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट का स्क्रीनशॉट और उसका URL (वेब लिंक) भी अपने रिकॉर्ड के तौर पर सुरक्षित रखना होगा। जिससे सबूत पक्का रहे। अब समझिए क्यों जारी करना पड़ा यह आदेश… वायरल रील्स में सिंघम बनने की होड़ सोशल मीडिया पर नए सिपाहियों की रील्स में ज्यादातर युवा फिल्मी गानों पर लिप्सिंग करते, डायलॉग्स बोलते या ट्रेनिंग के दौरान ड्रिल्स को ड्रामेटिक अंदाज में पेश करते दिख रहे हैं। कई सिपाहियों ने अपने यूजरनेम में COP या UP Police जोड़ लिया है। अपनी प्रोफाइल को सिंघम या सूर्या जैसे किरदारों से प्रेरित बॉयो से सजा लिया है। कुछ रील्स में तो नए सिपाही लोहे के बॉक्स पर पुलिस लिखवाकर गांव में जुलूस निकालते या ट्रेनिंग सेंटर जाते समय भावुक विदाई के सीन दिखाते नजर आ रहे हैं। नए सिपाही सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव साल- 2025 में यूपी पुलिस ने करीब 60 हजार सिपाहियों की भर्ती की थी। इसमें ज्यादातर 18 से 25 साल के महिला-पुरुष शामिल थे। ये युवा न केवल शारीरिक और लिखित परीक्षा में कुशल साबित हुए, बल्कि सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं। उनकी प्रोफाइल्स में वर्दी की तस्वीरें, ट्रेनिंग सेंटर के वीडियो और ‘सपने वो नहीं जो सोते वक्त देखे जाते हैं, सपने वो हैं जो आपको सोने न दें’ जैसे प्रेरणादायक कोट्स आम हैं। कुछ ने अपने बॉयो में UP Police, Serving the Nation जैसी लाइनें भी जोड़ दी हैं। पुलिसिंग को होता है नुकसान रील्स को लेकर पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह कहते हैं- अगर यही ट्रेंड रहा तो आने वाले दिनों में पूरी पुलिसिंग को बड़ा नुकसान होगा। जिम्मेदार अफसरों को चाहिए कि न सिर्फ नए आने वाले रंगरूटों को इसके नुकसान के बारे में बताएं, बल्कि जो लोग फोर्स में रह कर इस तरह की रीलबाजी कर रहे हैं, उन पर भी अंकुश लगाएं। पुलिसिंग एक तपस्या है। विक्रम सिंह कहते हैं कि पुलिस एक अनुशासित विभाग है। सोशल मीडिया के बारे में सजग जरूर रहें, उसकी आदत न बनाएं। जिन्हें पुलिसिंग का शौक है, वो रीलबाजी में कभी नहीं पड़ेंगे। वर्दी का इस्तेमाल सोशल मीडिया पर पहले से ही वर्जित है। इसका पालन जिलों के कप्तानों को भी कराना चाहिए। जो भी सोशल मीडिया पर इस तरह की वीडियो बनाकर डाल रहे हैं, ये असभ्य प्रतिक्रिया है। ऐसा नहीं करना चाहिए। रील बनाने में सस्पेंड हो चुके हैं कई पुलिस वाले सोशल मीडिया गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों पर विभाग लगातार कार्रवाई भी करता रहा है। फिरोजाबाद में सिपाही सचिन गौतम को वर्दी में रील बनाने के आरोप में सस्पेंड किया गया था। इसी तरह औरैया में तैनात एक सिपाही का सरकारी बाइक के साथ वर्दी में रील बनाते वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में वह कभी थाने के अंदर बुलेट चलाता दिखा, तो कभी मॉडलिंग स्टाइल में रील बनाता नजर आया। मामले में उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी। गाजियाबाद के अंकुर विहार थाना में तैनात दो ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर ने एक युवक के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी थी। मामला सामने आने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया, जबकि युवक को गिरफ्तार किया गया था। पुलिसकर्मियों की सोशल मीडिया कमाई पर भी रोक सोशल मीडिया पर कई पुलिसकर्मियों की फैन फॉलोइंग और फॉलोअर्स लाखों में हैं। लेकिन, पुलिस आचरण नियमावली के तहत वे किसी अन्य माध्यम से कमाई नहीं कर सकते। ऐसे में रील, प्रमोशन या सोशल मीडिया एक्टिविटी के जरिए सीधे अपने खाते में पैसा लेना नियमों के खिलाफ माना जाता है। ————————- यह खबर भी पढ़ें… प्रतीक की अस्थियां विसर्जित, अपर्णा फूट-फूटकर रोईं, हरिद्वार में बेटी ने कलश माथे से लगाया, ‘I LOVE PAPA’ का कार्ड प्रवाहित किया सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव की अस्थियां शनिवार को हरिद्वार में गंगा में विसर्जित की गईं। शिवपाल यादव के सांसद बेटे आदित्य ने अस्थियों को गंगा में प्रवाहित किया। इस दौरान पत्नी अपर्णा फूट-फूटकर रोईं। परिवार के लोगों ने उन्हें संभाला। छोटी बेटी पद्मजा ने अस्थियों को माथे से लगाया, फिर वह भी फूट-फूटकर रोने लगी। पूरी खबर पढ़ें…
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