कुरुक्षेत्र NIT में पहली बार पहुंची केंद्रीय मंत्रालय की टीम:ग्राउंड लेवल पर फीडबैक का दावा, 5 घंटे से ज्यादा समय स्टूडेंट्स से बातचीत

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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र में स्टूडेंट्स की सुसाइड की घटनाओं की आंच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय तक पहुंच चुकी है। इन घटनाओं को गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पहली बार खुद जांच के लिए कैंपस पहुंचे। पहली बार ऐसा हुआ जब एक साथ पांच वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने NIT में लंबी समीक्षा बैठक की। मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी की अगुआई में टीम ने 5 घंटे से ज्यादा समय तक कैंपस में रहकर स्टूडेंट्स, टीचर्स और स्थानीय प्रशासन से बातचीत की। कल 24 अप्रैल को कैंपस में दिनभर मीटिंग चलती रही। सुसाइड और अटेम्प्ट से खड़े हुए सवाल देखा जाए तो NIT में दो महीने के अंदर चार स्टूडेंट्स ने सुसाइड किया। इनमें बिहार के बक्सर की छात्रा दीक्षा दुबे के सुसाइड के बाद NIT में 16-17 अप्रैल की रात स्टूडेंट्स ने हंगामा किया। अगले दिन ही कैंपस की बिल्डिंग से कूदकर छात्रा के सुसाइड अटेम्प्ट की घटना ने संस्थान की व्यवस्था और माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। पहली बार पहुंची मंत्रालय की टीम इन पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए पहली बार मंत्रालय से कोई टीम कैंपस आई। इनमें सचिव डॉ. विनीत जोशी के साथ तेजस्विनी अनंतकुमार (चेयरपर्सन, BOGS), सौम्या गुप्ता (जॉइंट सेक्रेटरी, TE), गोविंद जायसवाल (जॉइंट सेक्रेटरी, TEL NITs) और हीरा लाल (डिप्टी सेक्रेटरी, NITs) टीम में शामिल रहे। टीम स्टूडेंट्स से करे सीधे सवाल इस टीम ने हॉस्टल और कैंपस के माहौल को भी समझने के लिए ग्राउंड लेवल पर फीडबैक का दावा किया। मीडिया से बातचीत में डॉ. विनीत जोशी ने साफ कहा कि मंत्रालय की टीम कैंपस में बेहतर और सुरक्षित माहौल बनाने के इरादे से पहुंची हैं। हालांकि टीम उस समय कैंपस पहुंची, जब स्टूडेंट्स अपने घर पर मौजूद हैं। इन चार स्टूडेंट ने किया सुसाइड 16 अप्रैल को बिहार के बक्सर की रहने वाली 19 वर्षीय दीक्षा दुबे ने अपने हॉस्टल रूम में फंदा लगाकर जान दे दी। वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस की छात्रा थी। 9 अप्रैल को सिरसा जिले के गांव शेरपुर के 22 वर्षीय प्रियांशु वर्मा, जो बीटेक थर्ड ईयर का छात्र था, उसका शव हॉस्टल के कमरे में मिला था। 31 मार्च को नूंह जिले के घासैड़ा निवासी 22 वर्षीय पवन कुमार, जो इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग सेकेंड ईयर का छात्र था, उसने भी सुसाइड कर लिया था। वहीं 16 फरवरी को तेलंगाना के रहने वाले 19 वर्षीय अंगोद शिवा ने हॉस्टल में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। दीक्षा दुबे के बाद एक और छात्रा ने सुसाइड अटेम्प्ट किया था। पूरे घटनाक्रम पर मंत्रालय की नजर फिलहाल केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की नजर इस पूरे मामले पर टिकी हुई है। जांच टीम सभी तथ्यों और सुझावों के आधार पर अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगी। जिसके बाद संस्थान में प्रशासनिक बदलाव और सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। सवाल यही है कि क्या इन घटनाओं के बाद NIT कुरुक्षेत्र में छात्रों को सुरक्षित और सकारात्मक माहौल मिल पाएगा या नहीं।