आढ़तियों के दबाव में व्यक्ति ने नहर में लगाई छलांग:कॉल पर रोता हुआ बोला- नहर किनारे बैठा हूं, पिता के सामने कूदा

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करनाल में एक सब्जी विक्रेता ने कथित तौर पर पैसों के दबाव में आकर नहर में छलांग लगाकर जान दे दी। घटना उस समय हुई जब वह मंडी जाने की बात कहकर घर से निकला था और बाद में पिता को फोन कर रोते हुए अपनी लोकेशन बताई। पिता के मौके पर पहुंचने पर बेटा नहर में डूब रहा था। पिता ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन जान नहीं बच पाई, लेकिन शव को किसी तरह से बाहर निकाल लिया। परिजन आढ़तियों पर लगातार परेशान करने का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जांच जारी है। मंडी जाने की बात कहकर घर से निकला करनाल की शिव कॉलोनी निवासी 40 वर्षीय रोशनलाल रोजाना की तरह सुबह घर से यह कहकर निकला था कि वह मंडी से सब्जी लेने जा रहा है। कुछ समय बाद उसने अपने पिता देशराज को कॉल किया। फोन पर वह रो रहा था। जिससे परिवार को अनहोनी की आशंका हुई। पहले भी आढ़तियों से विवाद, पिता को थी जानकारी देशराज ने बताया कि उन्हें पहले से पता था कि रोशनलाल का आढ़तियों के साथ पैसों का लेन-देन चल रहा है। इससे पहले भी एक बार इसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें वे उसे छुड़ाकर घर ले आए थे। इस बार भी उन्हें शक हुआ कि वही तनाव फिर बढ़ गया है। नहर किनारे होने की दी जानकारी पहले कॉल के बाद देशराज मंडी की ओर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में रोशनलाल का फिर फोन आया। उसने बताया कि वह नहर किनारे बैठा हुआ है। पिता तुरंत बताए गए स्थान पर पहुंचे, लेकिन उनके पहुंचने से कुछ ही देर पहले रोशनलाल ने नहर में छलांग लगा दी। पिता ने भी लगाई छलांग, रस्से से बाहर निकाला देशराज ने बेटे को बचाने के लिए बिना देर किए खुद भी नहर में छलांग लगा दी। उन्होंने किसी तरह रोशनलाल को पकड़ लिया, ताकि वह गहराई में न चला जाए। मौके पर खड़े एक ट्रक ड्राइवर से रस्सा मंगवाया गया और उसी की मदद से रोशनलाल को बाहर निकाला गया। इस दौरान डायल-112 पर भी सूचना दी गई। पिता का आरोप- आढ़तियों ने किया परेशान डायल-112 की मदद से रोशनलाल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के पिता देशराज ने आरोप लगाया कि आढ़ती लगातार रोशनलाल को पैसे को लेकर परेशान कर रहे थे। उनका कहना है कि रोशनलाल ने घर पर इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताया था। मौत के बाद भी आढ़तियों के फोन आ रहे हैं और पैसे की मांग की जा रही है। पहले एक लाख, फिर 11 हजार बताने लगे रकम देशराज के अनुसार, जब आढ़तियों से पूछा गया कि कितने पैसे देने हैं, तो पहले करीब एक लाख रुपए बताए गए, लेकिन जब उन्हें बताया गया कि रोशनलाल की मौत हो चुकी है, तो वही रकम घटकर कुछ हजार रह गई। बाद में एक आढ़ती ने कहा कि उसे सिर्फ 11 हजार रुपए ही लेने हैं और पहले ज्यादा रकम बताने को मजाक बताया। प्रशासन से कार्रवाई की मांग देशराज ने आरोप लगाया कि आढ़तियों के दबाव के कारण ही उनके बेटे ने यह कदम उठाया है। उन्होंने प्रशासन से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की बात कह रही है।