इंदौर में तस्कर को बंधक बनाकर मारपीट करने के मामले में जांच के दौरान कई गंभीर खुलासे हुए हैं। विजय नगर के तत्कालीन एसीपी आदित्य पटले की 12 पेज की जांच रिपोर्ट में तस्कर आरिफ के बयान सामने आए हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों पर वसूली, बंधक बनाने और मारपीट जैसे आरोप लगाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक एसीपी पटले ने 18 अक्टूबर 2025 को यह रिपोर्ट डीसीपी जोन-2 कुमार प्रतीक को सौंपी थी। रिपोर्ट में तत्कालीन टीआई चंद्रकांत पटेल पर अधीनस्थ कर्मचारियों पर नियंत्रण नहीं रखने की बात कही गई है। वहीं एएसआई भूपेंद्र सिंह गुर्जर, प्रधान आरक्षक मुकेश सिंह जादौन, आरक्षक कपिल सोनानिया और राधेश्याम उर्फ राधे राठौर को दोषी बताया गया है। आरिफ ने अपने बयान में दावा किया कि पूछताछ के दौरान वसीम ने उसे बताया था कि उसे छोड़ने के बदले 10 लाख रुपए मांगे गए थे। कथित तौर पर कहा गया था कि आरिफ को बुलाकर पकड़वा दो, फिर तुम्हें छोड़ दिया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक वसीम ने यह भी बताया कि बड़ौद थाना टीआई ने विजय नगर टीआई से बात की थी। बाद में उसके चाचा से 5 लाख रुपए लेकर उसे छुड़ाने की बात कही गई। आरिफ के अनुसार कुछ देर बाद लोकेंद्र खींची के मोबाइल पर फोन आया, जिसके बाद वसीम को छोड़ने के निर्देश मिले। इसके बाद उसे होटल के बाहर छोड़ दिया गया। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। होटल में बंधक बनाकर मारपीट का आरोप जांच रिपोर्ट में दर्ज बयान के मुताबिक तस्कर आरिफ ने बताया कि उसे और वसीम को पकड़ने के बाद एक होटल में रखा गया था। वहां अजहर नाम का युवक पहले से मौजूद था। आरिफ ने आरोप लगाया कि होटल में प्रमोद शर्मा, लोकेंद्र खींची और राधेश्याम राठौर ने उसके साथ मारपीट की। उससे पूछा गया कि 5 दिन पहले जो माल लेकर आया था वह कहां है? उसने जवाब दिया कि माल बेच चुका है और कुछ खुद इस्तेमाल कर लिया। वसीम ने कहा- छोड़ने के बदले 10 लाख मांगे थे आरिफ ने बयान में कहा कि पूछताछ के दौरान उसने वसीम से कहा कि तूने मुझे फंसा दिया। इस पर वसीम ने कथित तौर पर जवाब दिया कि उससे 10 लाख रुपए मांगे गए थे। कहा गया था कि आरिफ को बुलाकर पकड़वा दो, फिर तुम्हें छोड़ दिया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक वसीम ने बताया कि बड़ौद थाना टीआई ने विजय नगर टीआई से बात की थी। इसके बाद वसीम के चाचा से कहा गया कि 5 लाख रुपए लेकर आओ और अपने आदमी को छुड़ा ले जाओ। आरिफ के बयान के अनुसार कुछ देर बाद लोकेंद्र खींची के मोबाइल पर फोन आया, जिसके बाद वसीम को छोड़ने के निर्देश मिले। इसके बाद वसीम को होटल के बाहर छोड़ दिया गया। आरिफ के फोन से कस्टमर दीपक को बुलाया जांच रिपोर्ट में दर्ज बयान के मुताबिक आरिफ ने बताया कि होटल में उसके ग्राहक दीपक का फोन आया था। दीपक ने माल की डिमांड की तो वहां मौजूद लोकेंद्र ने उसे बुलाने के लिए कहा। उसने दीपक को चंदन नगर चौराहे पर बुलाया, जहां पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद पुलिसकर्मी दीपक को लेकर विजय नगर इलाके में घूमते रहे। आरिफ ने दावा किया कि बाद में दीपक ने दोस्त के जरिए 40 हजार रुपए मंगवाकर लोकेंद्र को दिए, जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया। आरिफ ने बयान में बताया कि अगले दिन उसके मोबाइल पर धार जिले के गुणावत निवासी दोस्त शिवम का फोन आया। शिवम ने बताया कि प्रदेश के बाहर से उसका दोस्त माल लेकर आया है और पूछा कि क्या उसे माल चाहिए। आरिफ के मुताबिक बातचीत सुनने के बाद लोकेंद्र ने इशारे में शिवम को बुलाने के लिए कहा। इसके बाद उसने शिवम से कहा कि वह माल लेने को तैयार है और उसे इंदौर बुला लिया जाए। हालांकि शिवम ने कहा कि वह अपने मामा के यहां शादी में है। उसने बालाजी ढाबे पर जाकर कपिल नाम के व्यक्ति से मिलने को कहा। ढाबे पर माल दिखाते ही पुलिसकर्मियों ने घेर लिया जांच रिपोर्ट में दर्ज बयान के मुताबिक आरिफ ने बताया कि जैसे ही युवक माल लेकर पहुंचा, उसे कार में बैठाकर माल दिखाने को कहा गया। माल दिखाते ही दूसरी कार में बैठे पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेर लिया और सभी को होटल ले आए। आरिफ के मुताबिक होटल में उस समय एएसआई भूपेंद्र सिंह भी मौजूद थे। आरिफ ने बताया कि जैसे ही युवक माल लेकर पहुंचा, उसे कार में बैठाकर माल दिखाने को कहा गया। माल दिखाते ही दूसरी कार में बैठे पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेर लिया और सभी को वापस होटल ले आए। आरिफ के मुताबिक होटल में उस समय एएसआई भूपेंद्र सिंह भी मौजूद थे। पत्नी ने गोल्ड लोन लेकर रकम का इंतजाम किया आरिफ ने अपने बयान में दावा किया है कि उसे छोड़ने के बदले पुलिसकर्मियों ने पैसों की मांग की थी। इसके लिए उसकी पत्नी ने गोल्ड लोन लेकर रकम का इंतजाम किया। आरिफ के अनुसार उसने पत्नी को फोन कर पैसों की व्यवस्था करने को कहा। बाद में उसकी पत्नी ने लोकेंद्र खींची को एक लाख रुपए दिए, जिसके बाद उसे विजय नगर इलाके में छोड़ दिया गया। आरिफ ने बयान में कहा कि उसकी पत्नी ने यह रकम राजवाड़ा स्थित गोल्ड लोन कंपनी से जुटाई थी। किसी से 20 तो किसी से 30 हजार रुपए लेकर छोड़ा आरिफ ने आगे बताया कि अगले दिन उसके दोस्त शिवम का फोन आया। शिवम ने कहा कि कपिल और उसके साथियों का कोई पता नहीं चल रहा है। इस पर आरिफ ने बताया कि उन्हें विजय नगर थाना पुलिस पकड़कर ले गई है। आरिफ के मुताबिक उसने शिवम को लोकेंद्र खींची का नंबर दिया और कहा कि बात कर लो, काम हो जाएगा। बाद में शिवम ने बताया कि कपिल और उसके साथ पकड़े गए तीन लोगों को छोड़ दिया गया, लेकिन उनसे भी पैसे लिए गए। किसी से 20 हजार तो किसी से 30 हजार रुपए लेकर छोड़ा गया। मोबाइल में नकली नोटों से जुड़ा वीडियो मिला था आरिफ ने अपने बयान में दावा किया कि बालाजी ढाबे पर जो युवक मंडीदीप से माल लेकर आया था, उसके मोबाइल में नकली नोटों से जुड़ा वीडियो मिला था। उसके मुताबिक शिवम ने बताया कि इसके बाद पुलिसकर्मी उस युवक को कहीं बाहर लेकर गए थे। हालांकि बाद में उस युवक के साथ क्या हुआ, इसकी जानकारी उसे नहीं दी गई। ACP की रिपोर्ट दोषियों पर कार्रवाई बिना लौटाई मामले में जांच रिपोर्ट को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक एसीपी पटले ने जांच रिपोर्ट डीसीपी जोन-2 को भेज दी थी, लेकिन तकनीकी खामियों का हवाला देकर उस पर कार्रवाई नहीं की गई। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट अनुमोदन के लिए पुलिस कमिश्नर कार्यालय भेजी गई, जहां महीनों तक मामला लंबित रहा। बाद में फाइल अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून) कार्यालय पहुंची, लेकिन वहां से भी दोषियों पर कार्रवाई किए बिना दोबारा डीसीपी कार्यालय भेज दी गई। ये खबर भी पढ़ें… पुलिस ने तस्करों को फाइव स्टार होटल में बंधक बनाया इंदौर के विजय नगर थाने के चार पुलिसवालों ने वर्दी को वसूली का हथियार बना लिया। आगर मालवा के बड़ौद से एक ड्रग तस्कर को उठाकर लाए, उसे थाने ले जाने के बजाय शहर के एक आलीशान 5-स्टार होटल में दो दिन तक बंधक बनाकर रखा और 5 लाख रुपए की वसूली की। पढ़ें पूरी खबर…
फाइव-स्टार होटल में तस्कर…10 लाख में हुई पुलिस की डील:टीआई ने 5 लाख में छुड़ाया; रिपोर्ट में ASI समेत 4 पुलिसकर्मी दोषी
