UHBVN के बिजली प्रतिष्ठानों की सुरक्षा होगी मजबूत:संवेदनशील सब-स्टेशनों पर तैनात होंगे सशस्त्र गार्ड; सभी सर्किलों से मांगा गया का ब्यौरा

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उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (UHBVN) ने बिजली ढांचों और कार्यालयों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। निगम ने प्रदेशभर के संवेदनशील बिजली प्रतिष्ठानों, 33 केवी सब-स्टेशनों और कार्यालयों में सशस्त्र सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत सशस्त्र हेड गार्ड, सशस्त्र सुरक्षा गार्ड, हेड गार्ड और सुरक्षा गार्ड की तैनाती की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (एसआईएसएफ) और राज्य औद्योगिक सुरक्षा अकादमी के गठन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यूएचबीवीएन ने पंचकूला और रोहतक सहित सभी सर्किल, डिवीजन और उपमंडल कार्यालयों से सुरक्षा कर्मियों की आवश्यकता का विस्तृत आंकड़ा मांगा है। विरोध-प्रदर्शन वाले स्थानों को वरीयता जानकारी के अनुसार पहले चरण में उन बिजली प्रतिष्ठानों और कार्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां पहले विरोध प्रदर्शन, सार्वजनिक बाधा, सुरक्षा जोखिम, कर्मचारियों से विवाद या अन्य संवेदनशील घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे स्थानों पर सशस्त्र सुरक्षा गार्ड और हेड गार्ड तैनात किए जाएंगे ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। विज के पास जाएगी फाइल निगम ने संबंधित अधिकारियों से यह भी पूछा है कि किन कार्यालयों और सब-स्टेशनों पर कितने सशस्त्र हेड गार्ड, सशस्त्र सुरक्षा गार्ड, हेड गार्ड और सामान्य सुरक्षा गार्ड की आवश्यकता होगी। यह पूरा ब्यौरा उच्च अधिकारियों और ऊर्जा मंत्री अनिल विज को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर प्रदेश में बिजली प्रतिष्ठानों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था तैयार की जाएगी। इस वजह से लिया गया फैसला सूत्रों के अनुसार बिजली निगमों के कार्यालयों में उपभोक्ता विवाद, बिजली कटौती, बिलिंग शिकायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में लाइन लॉस कार्रवाई के दौरान कई बार तनावपूर्ण स्थिति बन चुकी है। कई जगह कर्मचारियों के साथ अभद्रता और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई थीं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को नया स्वरूप देने की योजना बनाई गई है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिजली निगमों के संवेदनशील कार्यालयों और सब-स्टेशनों में औद्योगिक सुरक्षा बल की तर्ज पर प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मी तैनात होंगे। इससे न केवल सरकारी संपत्ति की सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि कर्मचारियों को भी सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सकेगा।