योगी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। पूछा- गैर यादव ओबीसी समाज को उनका हक कब मिलेगा? आरोप लगाया कि ओबीसी समाज को आपसी संघर्ष में उलझाकर उनका इस्तेमाल केवल राजनैतिक लाभ के लिए कर रहे। गरीबों की पीठ पर यादवों के लाठियों के निशान हैं। राजभर ने फेसबुक पर लिखा- इतिहास में तुम्हारा कहीं कोई नाम नहीं मिलता। किसी विदेशी से संघर्ष नहीं किया। पहले मुगलों की सेना में सिपाही बनकर हमें मारते थे। अंग्रेजों की सेना में उनका सिपाही बनकर मारते थे। अब हमें एक दूसरे से लड़ाकर मूर्ख बनाकर राजनीतिक रूप से मारते हो। मंत्री राजभर बीते कई महीनों से सपा और अखिलेश यादव पर लगातार हमलावर हैं। विधानसभा के स्पेशल सेशन में भी सपा विधायक अतुल प्रधान और उनके बीच तीखी बहस हुई थी। राजभर के सपा और अखिलेश पर हमलवार होने की क्या है वजह, पढ़िए इस रिपोर्ट में… पहले पढ़िए ओपी राजभर ने क्या लिखा…. मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा- ‘अखिलेश जी, गैर-यादव ओबीसी समाज को उनका हक आखिर कब मिलेगा? वोट हमारा, राज तुम्हारा! तुम हमसे दंगे करवाओ, हमें लोगों से लड़वाओ और ओबीसी समाज का नारा दो। इतिहास में तुम्हारा कहीं कोई नाम नहीं मिलता। किसी विदेशी से संघर्ष नहीं किया। पहले मुगलों की सेना में सिपाही बनकर हमें मारते थे। अंग्रेजों की सेना में उनका सिपाही बनकर मारते थे। अब हमें एक दूसरे से लड़ाकर मूर्ख बनाकर राजनीतिक रूप से मारते हो। हमारा इतिहास महाराजा सुहेलदेव राजभर, रानी अवंती बाई लोधी का इतिहास है। हम अपना राजनीतिक अधिकार लेते रहेंगे। गरीब-गुरबा की पीठ पर यादवों की लाठी के निशान हैं। अखिलेश की सत्ता के लिए हम दरी नहीं बिछाएंगे।’ पहले भी अखिलेश यादव पर हमलावर रहे हैं मंत्री राजभर पूर्वांचल में राजभर वोटबैंक की स्थिति उत्तर प्रदेश में राजभर समाज की आबादी 12 प्रतिशत है जबकि, पूर्वांचल क्षेत्र में राजभर जाति के मतदाता 12 से 22 फीसद हैं। इसी वजह से राजभर वोट बैंक पूर्वांचल के दो दर्जन से अधिक लोकसभा सीटों पर 50 हजार से करीब ढाई लाख तक हैं। इन सीटों पर हार और जीत का निर्णय राजभर समुदाय के लोग करते हैं। ऐसे में राजभर वोटर्स पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की नजर है। ओम प्रकाश राजभर ने अपने समाज के वोट के बल पर ही पार्टी खड़ी की है। राजभर समाज में सेंधमारी के लिए अखिलेश का PDA दांव दरअसल, अखिलेश यादव ने PDA की राजनीति तेज करते हुए राजभर समाज की नेता सीमा राजभर को महिला सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष और फूलन देवी की बहन रुक्मणी देवी निषाद को महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पूर्वांचल को साधने की कोशिश की है। बलिया की रहने वाली सीमा राजभर यूपी सरकार में मंत्री ओपी राजभर की पार्टी में रह चुकी हैं। वह सुभासपा से बलिया की महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष थीं। 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने राजभर और उनके बेटे अरविंद राजभर पर महिलाओं के शोषण और पार्टी में परिवारवाद का आरोप लगाया था। 2022 के अंत में वह सपा में शामिल हो गई थीं। पहले सपा ने उन्हें छात्र सभा का राष्ट्रीय सचिव बनाया था। इससे पहले सपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह थीं। जानकारों का कहना है कि सीमा राजभर समाज से आती हैं और मंत्री राजभर की करीबी रही हैं। ऐसे में पूर्वांचल में राजभर के बड़े वोट बैंक में सपा मजबूती से सेंध लगा सकती है।
———— ये खबर भी पढ़ें… ब्रजेश पाठक ने पूछा- जी जुड़ान कि नाहीं:हमारी सरकार मा तुम लोगन के सम्मान की गारंटी, सीएम योगी ने श्रमिकों को टूलकिट दिए लखनऊ में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने श्रमिकों से चर्चा की। उन्होंने पूछा कि तुम लोगन के लड़कन-लड़की अटल आवासीय विद्यालय मा पढ़ रहै हैं न? तुम्हार जी जुड़ान कि नाहीं। तुम्हार मजदूरी केहू नहीं हड़प सकत। केतनव बड़ा गुंडा होए, उसका इलाज हम करब। हमारी सरकार मा तुम लोगन के सम्मान की गारंटी है। डिप्टी सीएम ये बातें शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित श्रमवीर गौरव सम्मान समारोह में कहीं। पढ़िए पूरी खबर…
राजभर बोले-गरीबों की पीठ पर यादवों की लाठी के निशान:अखिलेश जी, गैर-यादव ओबीसी का हक कब मिलेगा? हम दरी नहीं बिछाएंगे
