नोएडा में गरज-चमक के साथ बारिश:सहारनपुर-गाजियाबाद में घने बादल छाए, अगले 4 दिन मौसम ऐसा ही रहेगा, बांदा सबसे गर्म

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यूपी में आज भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। बुधवार सुबह नोएडा में गरज के साथ बारिश हो रही है। तेज हवा भी चली। सहारनपुर में भी बूंदाबांदी हो रही है। वहीं गाजियाबाद में घने बादल छाए हैं, हल्की हवा चल रही है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी से मौसम बदला है। पूर्वांचल, अवध, बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्र के करीब 58 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश का अलर्ट है। बिजली गिरने की भी आशंका है। मंगलवार को 15 जिलों में पारा 40°C से अधिक रहा। बांदा के तापमान में 2 डिग्री की गिरावट आई है। बावजूद इसके बांदा शहर यूपी में सबसे गर्म शहर रहा। तापमान 45.6°C रिकॉर्ड किया गया। 27 अप्रैल को बांदा में पारा 47.4°C दर्ज हुआ था। अप्रैल माह में छठी बार प्रदेश में बांदा सबसे गर्म दर्ज हुआ। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया- आज से प्रदेश में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इससे गरज-चमक के साथ बारिश का नया दौर शुरू होगा। तेज हवाएं चलेंगी। अगले 5 दिन मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच गर्मी और लू से कुछ हद तक राहत मिलेगी। तापमान 4°C तक गिरेगा। हालांकि, कुछ इलाकों में दोपहर के वक्त लू चलने के साथ रात भी गर्म होने के आसार हैं। सबसे पहले मौसम की 3 तस्वीरें देखिए-
आज किन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानिए- अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम? कहीं-कहीं रात भी गर्म होने के आसार
इसके दृष्टिगत प्रदेश में कुछ स्थानों पर दोपहर में लू चलने के साथ कहीं-कहीं रात भी गर्म होने के आसार हैं। प्रदेश में मेघगर्जन के साथ वर्षा का नया दौर शुरू होने से 28 अप्रैल से तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट आ सकती है जिससे लू की स्थितियों में सुधार की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से छिटपुट वर्षा का दौर शुरू होकर पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने के आसार हैं। इस साल की बारिश पर अलनीनो का साया
इस बार जून से सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं। जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल के जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मॉनसून को प्रभावित कर सकती है। अल-नीनो और ला-नीना के बारे में जानिए-