लखनऊ नगर निगम अब अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ सरकारी जमीनों को स्थायी रूप से सुरक्षित करने की दिशा में भी सख्त कदम उठा रहा है। बुधवार को नगर निगम मुख्यालय में आयोजित संपत्ति विभाग की समीक्षा बैठक में महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिस दिन किसी जमीन से कब्जा हटाया जाए, उसी दिन वहां फेंसिंग का कार्य भी शुरू कराया जाए।
पिछले निर्देशों की हुई समीक्षा
बैठक में पिछली समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। महापौर ने अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीनों पर कराई गई बाउंड्री वॉल और तारबाड़ की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि केवल कब्जा हटाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि जमीन को दोबारा अतिक्रमण से बचाना भी जरूरी है।
68 गाटा पर तारबाड़, 70 गाटा पर बायोफेंसिंग
संपत्ति प्रभारी रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि अब तक 68 गाटा भूमि पर तारबाड़ का कार्य कराया जा रहा है, जबकि 70 गाटा भूमि को बायोफेंसिंग के लिए उद्यान विभाग को सौंपा गया है। विभाग तय समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूरे करने में जुटा है।
फेंसिंग के लिए पहले से रहेगा स्टॉक तैयार
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने चीफ इंजीनियर महेश वर्मा को निर्देश दिए कि सीएंडडी वेस्ट प्लांट के माध्यम से पिलर और बाउंड्री वॉल का पर्याप्त स्टॉक पहले से तैयार रखा जाए, ताकि अतिक्रमण हटाने के तुरंत बाद सुरक्षा कार्य शुरू हो सके।
‘उत्सव वाटिका’ के रूप में होंगी विकसित जमीनें
महापौर सुषमा खर्कवाल ने निर्देश दिए कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीनों को “उत्सव वाटिका” के रूप में विकसित किया जाए। इसके तहत संबंधित भूमि पर कमरा निर्माण और गेट लगाए जाएंगे, जिससे दोबारा कब्जे की संभावना खत्म हो सके।
15 मई तक पूरा होगा अभियान
महापौर ने 15 मई तक सभी अतिक्रमण मुक्त जमीनों पर फेंसिंग और बायोफेंसिंग का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। वहीं नगर आयुक्त ने 10 दिन बाद दोबारा समीक्षा बैठक कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
लखनऊ में उत्सव वाटिका डेवलप करने की तैयारी:नगर निगम खाली जमीनों की कराएगा फेंसिंग, 15 मई तक पूरा होगा अभियान
