प्रयागराज बना टूरिज्म का ग्लोबल हब:एक साल में पहुंचे 20 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक, वाराणसी-अयोध्या को भी पीछे छोड़ा

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उत्तर प्रदेश में बदली हुई कानून-व्यवस्था और सुविधाओं का असर अब पर्यटन के आंकड़ों में साफ दिखने लगा है। योगी सरकार की नीतियों के चलते विदेशी मेहमानों का भरोसा प्रदेश पर बढ़ा है। साल 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, प्रयागराज विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बनकर उभरा है। एक साल के भीतर यहां 20 लाख 53 हजार से ज्यादा विदेशी श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे, जो राज्य के किसी भी अन्य धार्मिक शहर के मुकाबले सबसे ज्यादा है। वाराणसी और अयोध्या से भी आगे निकला प्रयागराज धार्मिक पर्यटन के मामले में प्रयागराज ने वाराणसी, मथुरा और अयोध्या जैसे शहरों को भी पीछे छोड़ दिया है। साल 2025 में जहां प्रयागराज में 20.53 लाख विदेशी पहुंचे, वहीं वाराणसी में करीब 3.21 लाख, मथुरा में 1.42 लाख और अयोध्या में 65 हजार विदेशी पर्यटकों का आगमन हुआ। गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम की महिमा और यहां की सनातन संस्कृति को समझने के लिए अमेरिका, यूरोप, रूस और जापान जैसे देशों से लोग बड़ी संख्या में आ रहे हैं। विदेशी मेहमान यहां सिर्फ घूमने नहीं, बल्कि योग, ध्यान और आध्यात्मिक शांति की तलाश में पहुंच रहे हैं। सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं ने बदली तस्वीर विदेशी पर्यटकों की इस भारी भीड़ के पीछे योगी सरकार द्वारा किए गए बदलाव प्रमुख कारण हैं। पर्यटन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, बेहतर सड़कें, एयरपोर्ट की बढ़िया कनेक्टिविटी और साफ-सुथरे घाटों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की छवि सुधारी है। पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रयागराज अब केवल एक तीर्थ स्थान नहीं, बल्कि ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन चुका है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की वजह से विदेशी सैलानी अब यहां खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं। महाकुंभ 2025 ने रचा नया इतिहास प्रयागराज की इस लोकप्रियता में 2025 में आयोजित हुए महाकुंभ का सबसे बड़ा हाथ रहा। 144 साल बाद बने विशेष संयोग के कारण इस महाकुंभ में रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी। पूरे आयोजन के दौरान करीब 65 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। विदेशी मेहमानों के लिए की गई विशेष व्यवस्थाओं और सात स्तर की सुरक्षा प्रणाली ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी काफी बढ़ावा मिलेगा।