भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में नया मोड़ आ गया है। कोर्ट ने दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग खारिज कर दी, लेकिन शव को सुरक्षित रखने के आदेश ने पुलिस और फोरेंसिक विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कोर्ट ने ट्विशा के शव को सड़ने से रोकने के लिए -80° सेल्सियस तापमान पर सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, प्रदेश के किसी भी मेडिकल कॉलेज या सरकारी अस्पताल में इतनी कम तापमान वाली सुविधा उपलब्ध नहीं है। कोर्ट के आदेश का पालन करना चुनौती
ट्विशा का शव 13 मई से एम्स भोपाल की मॉर्चुरी में रखा है। 18 मई को एम्स ने पुलिस को बताया कि मॉर्चुरी का तापमान केवल -4 डिग्री सेल्सियस तक ही रहता है। फोरेंसिक विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तापमान पर शव 4-5 दिन तक सुरक्षित रह सकता है, जबकि लंबे समय तक संरक्षण के लिए -50 से -80 डिग्री तापमान जरूरी माना जाता है। फोरेंसिक साइंस के डायरेक्टर शशिकांत शुक्ला और पूर्व डायरेक्टर डॉ. डी.के. सतपथी ने भी पुष्टि की है कि प्रदेश में ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं है। इससे कोर्ट के आदेश के पालन को लेकर प्रशासनिक चुनौती खड़ी हो गई है। पिता ने जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा का आरोप है कि अपील में देरी के कारण शव की स्थिति खराब हुई, जिससे सबूत प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने इसे न्याय प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करने वाला मामला बताया। वकील का सवाल- ‘फंदा’ क्यों नहीं दिया?
परिवार के वकील अंकुर पांडे ने दावा किया कि पोस्टमॉर्टम 13 मई को हुआ, लेकिन कथित फंदा या बेल्ट फोरेंसिक डॉक्टरों को 15 मई तक नहीं सौंपा गया। परिवार ने सवाल उठाया है कि कथित फंदा देखे बिना मौत के कारण का निष्कर्ष कैसे निकाला गया। परिवार का आरोप है कि पोस्टमॉर्टम के दौरान ट्विशा की सास की बहन, जो सीनियर डॉक्टर हैं, एम्स में मौजूद थीं, जिससे जांच प्रभावित होने की आशंका है। परिवार के जांच एजेंसियों से पांच प्रमुख सवाल ट्विशा की आखिरी चैट्स: “मां, मेरा दम घुट रहा है…”
ट्विशा और उसकी मां के बीच हुई व्हाट्सएप चैट्स को परिवार मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रहा है। चैट्स में मानसिक तनाव और पारिवारिक विवाद के संकेत मिलते हैं। 30 अप्रैल: भोपाल पहुंचते ही ट्विशा ने लिखा-‘क्यों भेजा मुझे यहां… मेरा जीवन नरक हो गया है। यह (समर्थ) एयरपोर्ट से घर तक मुझसे बात ही नहीं कर रहा।’ 7 मई (रात 3 बजे): ‘मां, मुझे यहां से लेने आ जाओ। समर्थ ने कहा है कि वह एक साल से मुझे झेल रहा है। हम चुपचाप यहां से निकलेंगे, पापा को मत लाना।’ 9 मई: ट्विशा ने बताया कि समर्थ उस पर चरित्रहीनता के आरोप लगा रहा है- ‘मुझसे पूछ रहा है कि वह किसका बच्चा था… यह अपने घटियापन की सारी हदें पार कर चुका है। इसे मेरा श्राप लगेगा।’ 11 मई (मौत से एक दिन पहले): ‘अम्मा और समर्थ ऐसे बात कर रहे हैं जैसे कुछ हुआ ही नहीं। मेरा मन कहीं नहीं लगता।’ परिवार हाईकोर्ट जाने की तैयारी में
निचली अदालत से याचिका खारिज होने के बाद ट्विशा का परिवार अब हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है। बुधवार को परिजन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की, जहां उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन मिला। परिवार का कहना है कि वह मामले में न्यायिक हस्तक्षेप और सबूतों के संरक्षण की मांग करेगा। केस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 1. एक्ट्रेस ट्विशा केस-कोर्ट ने दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग खारिज की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले में भोपाल कोर्ट ने दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग खारिज कर दी है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि शव को ऐसी मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखा जाए, जहां उसे डीकंपोज होने से बचाया जा सके। पढ़ें पूरी खबर… 2. भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा की मौत से पहले का VIDEO भोपाल में मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में सोमवार को CCTV फुटेज सामने आया है। मौत से पहले वह घर की छत पर जाती दिखाई दी है। कुछ देर बाद उसके शव को तीन लोग नीचे लाते दिख रहे हैं। पढे़ं पूरी खबर…
ट्विशा की लाश रखने माइनस 80° वाली मॉर्चुरी ही नहीं:एम्स का तर्क– डिकंपोज हो रहा शव, आखिरी चैट- ‘मुझे यहां से ले चलो मां’
