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जहरीली शराब से मौतों के बाद चलेगा स्पेशल ड्राइव:कलेक्टर, एसपी को आबकारी आयुक्त के निर्देश, गड़बड़ी किसी भी स्थिति में नजरअंदाज न हो
सागर में जहरीली शराब से हुई 20 से अधिक मौतों के बाद आबकारी विभाग ने अब अवैध शराब के साथ-साथ इसके निर्माण और परिवहन से जुड़े नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। सभी कलेक्टरों से जिलों में संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जांच, अचानक छापेमारी और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने सभी कलेक्टरों को दिए निर्देश में कहा है कि प्रदेश में अवैध मदिरा के निर्माण, स्टोरेज, बिक्री और अवैध परिवहन पर सख्ती से एक्शन लिया जाए और इसके लिए प्रदेशभर में स्पेशल ड्राइव चलाया जाए। कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों, अपर आबकारी आयुक्त, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता तथा संभागीय उड़नदस्ता को अपने स्तर पर आवश्यक सूचना एवं कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें साफ कहा गया है कि अवैध शराब के साथ-साथ इसके निर्माण और परिवहन से जुड़े नेटवर्क पर भी लगातार निगरानी रखी जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जांच, अचानक छापेमारी और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। 1. संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और निगरानी हर जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं बिक्री के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में नियमित और आकस्मिक चेकिंग के साथ संदिग्ध व्यक्तियों एवं स्थानों पर निगरानी रखी जाएगी। 2. सूचना तंत्र को मजबूत किया जाएगा अवैध शराब से संबंधित प्राप्त सूचनाओं का तत्काल सत्यापन कराया जाएगा। सूचना सही पाए जाने पर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 तथा लागू नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखने के भी निर्देश हैं। 3. दबिश, तलाशी और जब्ती पर जोर अवैध मदिरा के निर्माण स्थल, भट्ठियों, अड्डों, संग्रहण एवं बिक्री स्थलों पर विशेष अभियान के तहत प्रभावी दबिश दी जाएगी। तलाशी और जब्ती की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। पंचनामा, जब्ती और अन्य दस्तावेजी कार्रवाई नियमानुसार करने के निर्देश दिए गए हैं। 4. अवैध परिवहन पर कड़ी नजर संवेदनशील मार्गों, जिला सीमाओं और चिन्हित स्थानों पर वाहनों की आकस्मिक जांच की जाएगी। संदिग्ध वाहनों में अवैध मदिरा अथवा अन्य प्रतिबंधित, संदिग्ध सामग्री मिलने पर नियमों के अनुसार तत्काल कार्रवाई होगी। वाहन की स्थिति में वाहन क्रमांक, चालक, स्वामी का विवरण सहित आवश्यक जानकारी दर्ज करने को कहा गया है। 5. हर प्रकरण में साक्ष्य की गुणवत्ता महत्वपूर्ण अपराध सामने आने पर आबकारी अधिनियम और लागू नियमों के अनुसार तत्काल प्रकरण दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्रवाई के दौरान साक्ष्य की गुणवत्ता और दस्तावेजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि न्यायालयीन प्रक्रिया में प्रकरण मजबूती से प्रस्तुत हो सके। 6. लंबित मामलों की समीक्षा जिन मामलों में गिरफ्तारी की कार्रवाई लंबित है, उनकी समीक्षा कर प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। फरार और वांछित आरोपियों की अलग सूची तैयार कर उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जाएगी। लंबित आबकारी प्रकरणों, जमानत, राजसात, अभिरक्षा संबंधी मामलों और महत्वपूर्ण न्यायालयीन प्रकरणों की भी समीक्षा कर लंबित कार्रवाई पूरी करने को कहा गया है। 7. लाइसेंसी परिसरों की जांच लाइसेंसी परिसरों में अवैध मदिरा के विक्रय, भंडारण, लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन या अन्य गंभीर अनियमितता की सूचना मिलने पर नियमानुसार निरीक्षण और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गंभीर अनियमितताओं को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाए। 8. विशेष गश्त और समन्वित कार्रवाई संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार रात्रिकालीन गश्त, आकस्मिक निरीक्षण और विशेष वाहन जांच की जाएगी। अंतर-जिला एवं अंतर-राज्यीय अवैध मदिरा परिवहन की संभावना वाले मार्गों पर संबंधित जिलों के बीच समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर पुलिस विभाग के साथ संयुक्त प्रवर्तन कार्रवाई भी की जाएगी। 9. गंभीर प्रकरणों की विशेष रिपोर्ट बड़े पैमाने पर अवैध शराब की बरामदगी, संगठित अवैध निर्माण, व्यवसाय, अंतर-जिला या अंतर-राज्यीय परिवहन, बड़ी मात्रा में लाहन, स्प्रिट की बरामदगी, संगठित आपराधिक गतिविधि या जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम वाले मामलों की पृथक एवं विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर तत्काल वरिष्ठ कार्यालय को भेजी जाएगी। 10. दैनिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य विशेष अभियान के दौरान प्राप्त सूचनाओं, सत्यापन, दबिश, तलाशी, वाहन जांच, जब्ती, पंजीबद्ध प्रकरण, गिरफ्तार, फरार आरोपियों, न्यायालयीन कार्रवाई तथा जब्त मदिरा, लाहन एवं अन्य सामग्री का विवरण निर्धारित प्रारूप में प्रतिदिन दर्ज करना होगा। यदि किसी मद में कार्रवाई या जानकारी उपलब्ध नहीं है तो संबंधित कॉलम में ‘शून्य’ अंकित करने के निर्देश हैं। कोई भी कॉलम खाली नहीं छोड़ा जाएगा। जिला प्रभारी अधिकारियों को दैनिक समीक्षा के बाद प्रगति रिपोर्ट आबकारी आयुक्त, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और भोपाल को भेजनी होगी। 11. जवाबदेही तय करने के निर्देश विश्वसनीय सूचना पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं करने, गंभीर अनियमितता की उपेक्षा करने अथवा सौंपे गए दायित्व के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी, कर्मचारी की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी और नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। 12. व्यक्तिगत पर्यवेक्षण जरूरी सहायक आबकारी आयुक्त, जिला आबकारी अधिकारी को अपने जिले में व्यक्तिगत रूप से निगरानी एवं समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को क्षेत्रवार जिम्मेदारी देते हुए प्रभावी एवं पर्यवेक्षित कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। बड़े पैमाने पर अवैध शराब की बरामदगी होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल अवगत कराना होगा।