Monday, 17 August 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

national

चिदंबरम बोले- 'मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व', रिजिजू ने गिनाईं 3 बातें; बताया किस ओर है PM का इशारा

INT News16 August 2026 at 10:45 pm

Chidambaram on Dimagi Naxal : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में ‘दिमागी नक्सल’ वाली टिप्पणी पर सियासी बहस तेज हो गई है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने रविवार को इस पर तंज कसते हुए कहा, “मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व है.” इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि पीएम मोदी ने विपक्षी नेताओं को ‘दिमागी नक्सल’ नहीं कहा था, बल्कि एक खास विचारधारा वाले लोगों का जिक्र किया था.

चिदंबरम ने 'दिमागी नक्सल' टिप्पणी पर कसा तंज

पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है. मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने संबोधन में जंगलों में हथियारबंद नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए ‘दिमागी नक्सल’ से सावधान रहने और उन्हें पहचानकर अलग-थलग करने की बात कही थी.

रिजिजू ने बताया किन लोगों को कहा ‘दिमागी नक्सल’

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, चिदंबरम के बयान पर किरेन रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने विपक्षी नेताओं को इस श्रेणी में नहीं रखा है. उन्होंने तीन तरह के लोगों का जिक्र किया जिन्हें मोदी की टिप्पणी से जोड़ते हुए कहा कि इनमें वे लोग शामिल हैं जो माओवादियों का समर्थन करते और भारतीय संविधान को खारिज करते हैं, अलगाववादियों के साथ खड़े होकर अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हैं और तीसरे वे लोग जो नॉर्थ-ईस्ट को भारत से अलग करने के लिए ‘चिकन नेक’ काटने की बात करते हैं.

मोदी ने क्या कहा था?

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर कहा था कि जंगलों में हथियारबंद नक्सलवाद के खिलाफ देश को सफलता मिली है, लेकिन माओवादी सोच वाले कुछ लोग अब भी व्यवस्था के भीतर मौजूद हो सकते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग पहले सरकारी समितियों में सलाहकार बनकर नीतियों को प्रभावित करते रहे हैं. मोदी ने कहा कि देश को सतर्क रहते हुए ऐसे ‘दिमागी नक्सल’ की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करना होगा.

पीएम ने नक्सलवाद के कारण हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि इस संघर्ष में 3,500 से अधिक सुरक्षाकर्मी मारे गए और नक्सलवाद ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया. उन्होंने कहा कि 2014 में उनकी सरकार बनने के बाद नक्सलवाद को खत्म करना प्राथमिकता रही है.