अम्बाला में मुन्नाभाई गैंग का पर्दाफाश, स्कूल संचालक गिरफ्तार:65 हजार में पास होने की गारंटी; डमी छात्रों से दिलवाई जाती थीं परीक्षा

Spread the love

हरियाणा के अम्बाला में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते (सीएम फ्लाइंग) ने एक बड़े ‘मुन्नाभाई’ रैकेट का पर्दाफाश करते हुए अंबाला शहर के सुल्तानपुर स्थित दशमेश पब्लिक स्कूल के संचालक मनमोहन सिंह सोहल को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में डमी परीक्षार्थियों को बैठाकर छात्रों को फर्जी तरीके से पास कराने का गंभीर आरोप है। जांच में सामने आया है कि आरोपी फेल छात्रों और उनके अभिभावकों को सरकारी नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद वह प्रत्येक छात्र से 60 हजार रुपए से लेकर 1.20 लाख रुपए तक की रकम लेकर उनकी जगह पढ़े-लिखे ‘डमी स्कॉलर’ को परीक्षा में बैठाता था। आरोपी ने पूछताछ में दावा किया कि उसने इस तरीके से हजारों छात्रों को पास करवाया है, जिनमें से कई विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी भी कर रहे हैं। ऐसे बिछाया गया जाल मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के उप निरीक्षक प्रविन्द्र कुमार को 15 फरवरी 2026 को इस फर्जीवाड़े की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। उप निरीक्षक खुद फर्जी अभिभावक बनकर स्कूल पहुंचे और अपने बेटे को 12वीं पास कराने की बात कही। स्कूल संचालक मनमोहन सिंह ने असली छात्र की जगह किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा में बैठाने का सौदा 65 हजार रुपए में तय कर लिया। आरोपी ने यह भी कबूल किया कि इस खेल के लिए नूंह के परीक्षा केंद्रों को चुना जाता था, क्योंकि वहां निगरानी व्यवस्था कमजोर रहती है। पुलिस अधिकारी ने पूरी बातचीत और सौदेबाजी को मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब केस का अहम डिजिटल साक्ष्य बन चुका है। स्कूल में छापेमारी, दस्तावेज बरामद लगातार सबूत जुटाने के बाद 22 मई 2026 को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त छापेमारी की। इस दौरान आरोपी के स्कूटर और स्कूल कार्यालय की अलमारी से बड़ी संख्या में संदिग्ध छात्रों के परीक्षा परिणामों की प्रतियां बरामद हुईं। पुलिस ने बरामद दस्तावेजों के आधार पर कुछ छात्रों और उनके परिजनों से पूछताछ की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चों ने कभी एनआईओएस की परीक्षा दी ही नहीं और उन्हें परीक्षा केंद्र तक की जानकारी नहीं थी। एक अभिभावक ओम प्रकाश ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उनके बेटे को पास कराने के नाम पर 70 हजार रुपए लिए थे। काम नहीं होने पर पैसे वापस मांगने पर आरोपी ने उन्हें बाउंस होने वाले चेक थमा दिए। महिला संचालिका का नाम भी आया सामने पूछताछ में आरोपी ने शाहबाद की एक महिला कॉलेज संचालिका बीना रानी उर्फ अंजू का नाम भी लिया है। पुलिस को आशंका है कि इस रैकेट के तार अन्य जिलों और शिक्षा विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों तक भी जुड़े हो सकते हैं। कई धाराओं में केस दर्ज थाना बलदेव नगर, अम्बाला में आरोपी मनमोहन सिंह सोहल और उसकी सहयोगी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों की जांच कर रही है। साथ ही असली छात्रों की लिखावट का मिलान डमी परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं से कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।