हाईकोर्ट में कांग्रेस की चुनाव पर रोक की याचिका खारिज:कोर्ट ने कहा- निगम इलेक्शन डिक्लेयर हो चुका; अब दखल देना उचित नहीं

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हरियाणा में नगर निगम चुनाव पर रोक की मांग वाली कांग्रेस की याचिका हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद खारिज कर दी है। कांग्रेस ने चुनाव पर रोक लगाने की मांग करते हुए वार्ड अधिसूचना फिर से जारी करवाने की मांग रखी थी। जिस पर कोर्ट ने कहा कि इलेक्शन की तारीख डिक्लेयर हो चुकी है, अब दखल देना उचित नहीं है। हरियाणा में सोमवार को 7 नगर निकायों के आम चुनाव और पंचायती राज के 528 पदों पर उपचुनाव की घोषणा हुई थी। लेकिन कांग्रेस चुनाव पर रोक लगाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंच गई। जहां उनकी याचिका पर पहली बार बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद कांग्रेस की याचिका दूसरी बैंच को ट्रांसफर कर दी गई है, जिस पर आज सुनवाई हुई। पंचकूला के पूर्व चेयरमैन एडवोकेट रविंद्र रावल ने कहा कि वीरवार को जस्टिस एचएस सेठी और यशवर्धन राठौड़ की बैंच ने केस की सुनवाई की। चुनाव पर रोक लगाने की याचिका व अंबाला में एससी वार्ड घटाने की याचिका पर कल के लिए सुनवाई हुई है। जिसमें उन्होंने अपनी दलीलें रखी लेकिन अब समय निकल जाने की बात कहते हुए उन्होंने कोर्ट ने खारिज कर दिया है। 7 शहरों में होना है चुनाव सोनीपत-पंचकूला, अंबाला नगर निगम, रेवाड़ी नगर परिषद, उकलाना, धारूहेड़ा व सांपला नगर पालिका में 10 मई को वोटिंग होगी। 13 मई को रिजल्ट आएगा। 21 अप्रैल से नामांकन भरे जा सकेंगे। चुनाव आयुक्त के मुताबिक पानीपत और करनाल जिला परिषद के 1-1 वार्ड, 12 ब्लॉक समिति सदस्यों, 29 सरपंच, 485 पंच पदों के लिए वोटिंग भी 10 मई को होगी। उसी दिन वोटों की गिनती करके नतीजे घोषित हो जाएंगे। वोटिंग में वीवीपैट का इस्तेमाल नहीं होगा पहली बार होगा, जब NOTA का बटन तो होगा, लेकिन इससे चुनाव नतीजों पर असर नहीं पड़ेगा। वोटिंग EVM से होगी, लेकिन वीवीपैट का इस्तेमाल नहीं होगा। चुनाव ड्यूटी देने वाले कर्मचारियों को अब केंद्रीय चुनाव आयोग के तय दरों के बराबर मानदेय मिलेगा। चुनाव के ऐलान के साथ ही चुनाव वाले सभी इलाकों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है।