देवास जिले के स्वास्थ्य विभाग में सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। एक नागरिक ने मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों ने सीएम हेल्पलाइन की ग्रेडिंग सुधारने के लिए कर्मचारियों के माध्यम से सैकड़ों फर्जी शिकायतें दर्ज कराईं और उन्हें समय-सीमा में बंद करवा दिया। शिकायतकर्ता विजय पटेल ने RTI से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर ये आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच लोक स्वास्थ्य विभाग में कुल 413 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 111 शिकायतें विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों के मोबाइल नंबरों से की गई थीं। आरोप- दबाव बनाकर फर्जी शिकायतें करवाईं
इन शिकायतों में अस्पतालों में साफ-सफाई न होना और पानी की व्यवस्था न होना जैसे सामान्य विषय शामिल थे। इसी तरह, जिला अस्पताल के एल-1 सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज 318 शिकायतों में से 44 शिकायतें भी विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों के मोबाइल नंबरों से दर्ज होने का दावा किया गया है। शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि विभागीय कर्मचारियों पर दबाव बनाकर फर्जी शिकायतें दर्ज कराई गईं और बाद में उन्हें संतुष्टिपूर्वक बंद कर दिया गया। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि स्वयं सीएमएचओ सरोजनी जेम्स ने अपने मोबाइल नंबर से अस्पताल में साफ-सफाई न होने संबंधी एक शिकायत दर्ज कराई थी। CM सचिवालय समेत वरिष्ठ अफसरों से शिकायत
शिकायतकर्ता ने शासन से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। यह शिकायत मुख्यमंत्री सचिवालय, स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य आयुक्त, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी गई है। शिकायत के साथ कथित शिकायत प्रपत्र और मोबाइल नंबरों का विवरण संलग्न होने का दावा किया गया है। वहीं, इस मामले पर सीएमएचओ सरोजनी जेम्स ने कहा कि शिकायतें फर्जी नहीं हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि कई बार किसी के पास मोबाइल न होने पर उनके नंबर से एक-दो शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन शिकायतें फर्जी नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई ऐसा आरोप लगा रहा है, तो वे इसकी जांच करवाएंगे।
ग्रेडिंग सुधारने कर्मचारियों पर दबाव बनाकर करवाईं CM हेल्पलाइन शिकायतें:फिर देवास प्रशासन ने समय-सीमा में बंद कराया; CM सचिवालय में शिकायत
