मध्यप्रदेश के देवास जिले के टोंककलां इलाके में गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। हादसे में धीरज, सनी और सुमित नाम के 3 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्यप्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं। ब्लास्ट इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। फैक्ट्री की दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और आसपास के मकान तक हिल गए। हादसे के बाद झुलसे मजदूर बदहवास हालत में बाहर निकलते दिखे। कुछ लोगों के कपड़े स्किन से चिपक गए थे। फैक्ट्री के बाहर बाल और जले अवशेष बिखरे पड़े मिले। हादसे के बाद भी फैक्ट्री में काफी देर तक पटाखे फूटने की आवाजें आती रहीं। परिसर में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और सामान बिखरा पड़ा मिला। प्रशासन ने फैक्ट्री को सील कर दिया है। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय को हिरासत में ले लिया है। मौके पर एफएसएल टीम और प्रशासनिक अधिकारी जांच में जुटे रहे। 7 मरीज इंदौर रेफर, कई गंभीर
देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने बताया कि 12 घायल जिला अस्पताल में भर्ती हैं। करीब 6 से 10 घायल अमलतास अस्पताल में भर्ती हैं। इंदौर के MY अस्पताल में 3 और चोइथराम अस्पताल में 4 घायलों का इलाज चल रहा है। MY अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव के मुताबिक, तीन मरीज 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। सभी गंभीर मरीजों का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। अमलतास अस्पताल में भर्ती घायलों में राहुल पासवान, गुड्डू, अभिषेक नायर, अमर जाटव, गोलू पासवान, विशाल, अमित कुमार और रोशन कुमार शामिल हैं। इधर, देर रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर के चोइथराम अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने घायलों से मुलाकात कर हाल जाना। डॉक्टरों को उचित इलाज के निर्देश दिए। देखिए हादसे की 7 तस्वीरें… 2 केमिकल मिलाकर बनाया जा रहा था बारूद प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के मुताबिक फैक्ट्री में दो केमिकल मिलाकर बारूद तैयार किया जा रहा था। आशंका है कि केमिकल का अनुपात बिगड़ने से विस्फोट हुआ।
प्राथमिक जांच में पोटेशियम के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से केमिकल के सैंपल जुटाए हैं। लोगों ने बताया कि जिस जगह ब्लास्ट हुआ, वहां 15 से 20 मजदूर काम कर रहे थे। हादसा लंच से 15-20 मिनट पहले हुआ। कर्मचारियों का खाना आ चुका था, लेकिन धमाके के बाद लोग खाना छोड़कर जान बचाने के लिए भागे। फैक्ट्री में रोज बनता था बड़ा स्टॉक जानकारी के मुताबिक फैक्ट्री में पटाखे और माचिस बनाई जाती थी, जिसमें पोटाश का ज्यादा इस्तेमाल होता था। यहां रोज करीब 700 पेटी माल तैयार हो रहा था, जिसकी कीमत 18 लाख रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। तैयार माल की सप्लाई कई राज्यों में की जा रही थी। ग्रामीणों के मुताबिक फैक्ट्री 4 से 5 बीघा क्षेत्र में फैली हुई थी और वहां अभी भी निर्माण कार्य चल रहा था। आरोप- पहले शिकायतें हुईं, कार्रवाई नहीं हुई ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अवैध फैक्ट्री के खिलाफ पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के मुताबिक फैक्ट्री में 400 से 500 मजदूर काम करते थे। पुरुष मजदूरों को 400 रुपए और महिला मजदूरों को 250 रुपए मजदूरी दी जाती थी। भुगतान हर सप्ताह होता था। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी और विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल को लेकर पहले भी चिंता जताई थी। मार्च 2026 में भी हुआ था ब्लास्ट स्थानीय लोगों के मुताबिक मार्च 2026 में भी इसी फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था। उस समय भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई। CM ने आर्थिक सहायता की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा समेत वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है। कमिश्नर ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच में ब्लास्ट के कारण, विस्फोटक नियमों के पालन, फैक्ट्री के लाइसेंस और सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल की जाएगी। जांच के लिए अपर कलेक्टर अतेन्द्र सिंह गुर्जर और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा अधिकारी नमिता तिवारी को नियुक्त किया गया है। अधिकारियों को एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर बोले- फैक्ट्री का लाइसेंस निरस्त कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने बताया कि फैक्ट्री का लाइसेंस 23 दिसंबर को जारी हुआ था और 6 मई को ही रिन्यू किया गया था। फैक्ट्री के पास पटाखा निर्माण और बिक्री के अलग-अलग लाइसेंस थे। मामले में चार लोगों के नाम चिन्हित किए गए हैं। लाइसेंस निरस्त कर दिया है। डिप्टी सीएम बोले- दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं और एक विशेष टीम गठित की गई है। उन्होंने कहा- “दोषी चाहे किसी भी दल का हो, अधिकारी हो या कर्मचारी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।” फैक्ट्री मालिक और सांसद की तस्वीर वायरल हादसे के बाद बीजेपी सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी और फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। तस्वीर में सांसद मालवीय का मुंह मीठा कराते नजर आ रहे हैं।
इस पर सांसद सोलंकी ने कहा-“अनिल मालवीय मेरे परिचित हैं, लेकिन मेरे कार्यकर्ता नहीं हैं। प्रशासन जांच करेगा और जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई होगी।” कांग्रेस ने कहा- ये सामूहिक हत्याकांड जैसा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने हादसे को “सामूहिक हत्याकांड” जैसा बताया। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्ट सिस्टम की भयावह सच्चाई कहा। मार्च में भी हुआ था ब्लास्ट… खबर के मिनट-टु-मिनट अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
एमपी में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट, 3 की मौत:शवों के टुकड़े 20-25 फीट दूर गिरे; UP-बिहार के हैं मजदूर, फैक्ट्री मालिक हिरासत में
