BJP नेता क्रूज से गंगा में गिरे, डूबकर मौत:सेल्फी लेते समय पैर फिसला, 7 घंटे बाद डेडबॉडी मिली; ग्रेटर नोएडा से काशी आए थे

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वाराणसी में बुधवार रात सेल्फी लेते समय बीजेपी के भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ के प्रदेश मंत्री क्रूज से गंगा में गिर गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन अंधेरा और तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी। घटना की सूचना दशाश्वमेध पुलिस और जल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रात में ही रेस्क्यू आपरेशन चलाया। मगर अंधेरा होने के कारण सफलता नहीं मिली। गुरुवार सुबह एनडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया। 7 घंटे बाद उनका शव गंगा से बाहर निकाला। प्रदेश मंत्री नोएडा के रहने वाले थे। प्रदेश मंत्री अपने 5 दोस्तों के साथ काशी पहुंचे थे। सभी को मंगला आरती में 3 बजे जाना था। इसलिए मान मंदिर घाट पर पहुंचे थे। घरवाले उनके शव को लेकर घर रवाना हो गए हैं। दोस्तों संग मंगला आरती में शामिल होना था ग्रेटर नोएडा के रहने वाले हर्षवर्धन ठाकुर (27) भाजपा के भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ के प्रदेश मंत्री थे। बुधवार को वह अपने पांच साथियों के साथ वाराणसी पहुंचे थे। उनके साथ कुशाग्र सिंह, दुर्गेश प्रताप सिंह, विपुल कुमार, जीत सिंह, ललित कुमार थे। यह सभी बुधवार रात ही करीब 12:30 बजे मान घाट पहुंचे। हर्षवर्धन के दोस्त ललित ने बताया कि हम सभी को मंगला आरती में तड़के 3 बजे शामिल होना था। उससे पहले हम लोग घाट घूमने के लिए रात में निकले हुए थे। हर्षवर्धन घाट पर खड़े एक क्रूज पर स्नैप (सेल्फी) बनाने के लिए गए‌ थे। उनके दोनों हाथ में फोन था। एक क्रूज के ऊपर चढ़कर उन्होंने सेल्फी ली। वीडियो बनाए। इसके बाद वह दूसरे क्रूज पर जाने लगे। तभी उनका पैर फिसल गया और वह गंगा में गिर गए। सुबह 6 बजे दोबारा रेस्क्यू शुरू हुआ वह डूबने लगे। उन्होंने शोर मचाया। घाट पर मौजूद गोतोखोरों ने उन्हें बचाने के लिए गंगा में छलांग लगा दी। करीब 3 घंटे तक उन्हें खोजा गया। मगर वह नहीं मिले। इसके बाद रेस्क्यू बंद कर दिया गया। गुरुवार सुबह करीब 6 बजे फिर से रेस्क्यू आपरेशन शुरू हुआ। करीब 1.30 घंटे बाद 7.30 बजे उनका शव गंगा से बाहर निकाला गया। शव मिलने के बाद पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर परिजनों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि उनके दोस्तों ने रात में ही हर्षवर्धन के घरवालों को सूचना दे दी थी। गुरुवार सुबह उनके घर वाले घाट पर पहुंच गए। हर्षवर्धन के दोस्त ललित ने बताया कि हर्षवर्धन प्रॉपर्टी डीलिंग का भी काम करते थे। हर्षवर्धन के पिता संदीप सिंह दिल्ली पुलिस में तैनात हैं। …………….. ये खबर भी पढ़िए- मथुरा में दो डकैत एनकाउंटर में मारे गए:कारोबारी को बंधक बनाकर डाका डाला; दोनों राजस्थान के रहने वाले थे मथुरा में कारोबारी को बंधक बनाकर डकैती डालने वाले दो डकैतों को गुरुवार सुबह पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। बाबरिया गिरोह के दोनों डकैतों पर 50-50 हजार का इनाम था। मारे गए डकैत में धर्मवीर उर्फ लंबू (35) और राजेंद्र उर्फ पप्पू (55) है। दोनों मूलरूप से राजस्थान के रहने वाले थे। इन्होंने अपने 5 साथियों के साथ मिलकर कारोबारी अजय अग्रवाल के घर पर डाका डाला था। मथुरा से 50 किमी दूर टैंटीगांव में 23 अप्रैल की रात अजय अग्रवाल के घर परिवार को बंधक बनाकर डकैती डाली थी। पढ़ें पूरी खबर