यूपी में मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। मौसम विभाग ने आज यानी मंगलवार को 39 जिलों में हीटवेव (लू) का अलर्ट जारी किया है। वहीं सोमवार को 43.3 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रयागराज देश का सबसे गर्म शहर रहा। वहीं सोमवार को दोपहर बाद गोरखपुर, बस्ती, मऊ, गाजीपुर और बलिया में बारिश हुई। बस्ती में आंधी-बारिश की वजह से पेड़-पोल उखड़ गए। एक पेड़ उखड़कर कार पर गिरा। सड़क पर यूनिपोल गिरने से भारी ट्रैफिक जाम लग गया। गोरखपुर और सिद्धार्थनगर में आंधी के साथ बारिश हुई। गाजीपुर में सुबह से कई बार तेज हवा के साथ रुक-रुक कर बारिश हुई। बलिया में भारी बारिश की वजह से सड़कों पर पानी भर गया। मऊ में भी 10 मिनट तक हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग का कहना है कि आमतौर पर 20 जून तक मानसून यूपी में एंट्री कर लेता है। लेकिन, इस बार मानसून यूपी-बिहार बॉर्डर पर पहुंचने के बाद आगे नहीं बढ़ पा रहा है। पिछले 10-12 दिनों से यह महराजगंज के पास रुका है। 23 जून से इसके आगे बढ़ने और 25 जून तक यूपी में पहुंचने की संभावना है। तब तक पूर्वी यूपी और बुंदेलखंड में गर्मी और लू परेशान करेगी। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने कहा – यूपी में फिलहाल कोई प्रभावी मौसमी प्रणाली सक्रिय नहीं है, इसलिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लू की स्थिति बनी हुई है। अगले तीन से चार दिनों तक तापमान बढ़ेगा। कुछ स्थानों पर लू चलेगी। वहीं दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दक्षिण और मध्य भारत के कई हिस्सों में प्रगति की है।आगामी 48 घंटों में इसके और आगे बढ़ने की संभावना है, जिसके बाद उत्तर भारत में भी मौसम की गतिविधियों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यूपी के 39 जिलों में लू का अलर्ट
बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर। यूपी में अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम? जानिए मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने की वजह भी जान लीजिए यूपी में जून से सितंबर के बीच 8% बारिश कम होगी
सीनियर साइंटिस्ट अतुल सिंह बताते हैं- इस साल यूपी समेत पूरे देश में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है। आमतौर पर यूपी में जून से सितंबर के बीच करीब 820 से 840 मिलीमीटर बारिश होती है। लेकिन, इस साल 8% कम यानी लगभग 754 से 773 मिलीमीटर तक ही पानी बरसेगा। यूपी में मानसून में कम बारिश की संभावना की वजह जानिए
मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं। जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मानसून को प्रभावित कर सकती है।
यूपी के 39 जिलों में हीटवेव का अलर्ट:प्रयागराज देश का सबसे गर्म शहर, तापमान 43.3°C; मानसून बॉर्डर पर अटका
