समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर लोकतंत्र को नष्ट करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समाजवादी पार्टी और विपक्षी दल सतर्क नहीं रहे तो 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रदेश का अंतिम चुनाव साबित हो सकता है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को लोकतंत्र बचाने के लिए पूरी एकजुटता और बूथ स्तर पर मजबूत तैयारी का आह्वान किया। सोमवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय, लखनऊ में विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “भाजपा लोकतंत्र के लिए खतरा है। वह लोकतांत्रिक व्यवस्था को नष्ट करने पर उतारू है। समाजवादी पार्टी की पूरी जिम्मेदारी लोकतंत्र बचाने की है। अन्यथा 2027 का उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव अंतिम चुनाव होगा। 2027 यूपी चुनाव लोकतंत्र बचाने का चुनाव अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव सामान्य चुनाव नहीं, बल्कि लोकतंत्र बचाने का चुनाव होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि सभी एकजुट होकर पूरी ताकत से लोकतंत्र की रक्षा के लिए जुटें। उन्होंने कहा, “वोटर लिस्ट और बूथ पर पूरा ध्यान लगाएं। सभी कार्यकर्ताओं की भाषा और व्यवहार शिष्ट हो।” प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और 2027 में भाजपा का सत्ता से बाहर जाना तय है। भाजपा पर तीखा हमला अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और किसानों-नौजवानों के साथ धोखे का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर है। हर स्तर पर घोटाले हो रहे हैं, जनता भ्रष्टाचार से त्रस्त है। भूमाफियाओं को संरक्षण मिला हुआ है, जमीनों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। भाजपा नकारात्मक और सांप्रदायिक राजनीति करती है। पीडीए के खिलाफ साजिश का लगाया आरोप अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा पीडीए की दुश्मन है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने पीडीए का आरक्षण छीना, उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए, प्रताड़ित किया और फर्जी एनकाउंटर कराए। पीडीए बड़ी ताकत है। पीडीए समाजवादी पार्टी के साथ है, इसीलिए भाजपा घबराई हुई है। भाजपा पीडीए के खिलाफ साजिश कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाजवादी पार्टी का एजेंडा प्रेम, दया और अपनापन है। किसान और युवाओं के साथ है सपा अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी किसानों और युवाओं के साथ है। उन्होंने किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि खाद-बीज का संकट गहरा रहा है। बिजली मिल नहीं रही है। डीजल महंगा होने से खेती की लागत बढ़ गई है। किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं। इसी तरह युवाओं के बारे में उन्होंने कहा कि गांव-गांव में पढ़े-लिखे नौजवान बेरोजगार घूम रहे हैं। सरकार जानबूझकर भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक कराती है। भाजपा ने नौजवानों से झूठे वादे किए थे। कानून-व्यवस्था और विकास पर भी उठाए सवाल अखिलेश ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। हर दिन हत्या, लूट और महिला अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। महिलाओं का सम्मान सुरक्षित नहीं है। दस साल के भाजपा शासन में लोककल्याण का कोई काम नहीं हुआ। निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार और लूट हो रही है। समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के विकास का रास्ता दिखाया था। एक्सप्रेसवे, आईटी सिटी, स्टेडियम, सड़कें बनाने का काम किया, लेकिन भाजपा दो कार्यकाल में विकास के रास्ते पर एक कदम नहीं चल पाई।
इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी, राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी, सांसद धर्मेंद्र यादव, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, सांसद आदित्य यादव, विधायक बृजेश यादव, विधायक हिमांशु यादव, पूर्व विधायक प्रेम पाल यादव, आबिद रजा, आशीष यादव, भूपेंद्र सिंह राठौर, मुशरत अली, आर.के. वर्मा, यासीन उस्मानी, सुनीता पाल, उदयवीर शाक्य, नाथूराम कश्यप सहित बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अखिलेश बोले, सतर्क नहीं रहे तो साबित होगा अंतिम चुनाव:भाजपा को बताया लोकतंत्र के लिए खतरा, लोकतंत्र बचाने के लिए एकजुटता जरूरी
