यह जलापूर्ति योजना मांडर प्रखंड के चार पंचायतों के आठ गांवों के लगभग चार हजार परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएगी। इससे लगभग 40 साल बाद सोनचिपी टाना भगत आश्रम का स्वरूप बदल जाएगा।
मंत्री ने कहा कि एनएचएआई की ओर से सड़क निर्माण के दौरान जलापूर्ति योजना क्षतिग्रस्त होने के बाद रांची से दिल्ली तक प्रयासों के बाद योजना स्वीकृत हुई है। उन्होंने कहा कि यह योजना हजारों परिवारों को शुद्ध जल देगी। उन्होंने टाना भगतों को गांधीवादी विचारधारा का प्रतीक बताते हुए कहा कि अब सरकार उनके हक-अधिकार सुनिश्चित करेगी।
पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि आश्रम की रौनक फिर लौट रही है। उन्होंने टाना भगत विकास प्राधिकार के पुनर्गठन की जरूरत बताते हुए कहा कि इसमें टाना भगतों को निर्णायक पद मिले। और चेयरमैन भी उन्हीं में से कोई एक व्यक्ति हो।
कार्यक्रम में बीडीओ चंचला कुमारी, मंगा उरांव, फिलिप सहाय एक्का, शेरोफिना मिंज, जुवेल तिग्गा सहित अन्य मौजूद थे।
