Rishikesh News: लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान शिवा, जिनकी दुकान ऋषिकेश में लगभग 35 साल से है, बताते है कि उन्होंने ऐसा सूना माहौल पहले कभी नहीं देखा. उनके अनुसार पुल बंद होने के बाद यह पूरा इलाका मानो लॉकडाउन जैसा शांत हो गया था. दुकानें खुली रहती थीं, लेकिन ग्राहक नहीं आते थे. रोज़गार लगभग खत्म हो गया था. कई दुकानदारों को मजबूरी में या तो नुकसान सहना पड़ा या फिर शहर के अन्य हिस्सों में जाकर काम ढूंढ़ना पड़ा.
कई साल की मायूसी के बाद बजरंग सेतु ने जगाई नई आस, सूने बाजारों में फिर गूंजेगी चहल-पहल; ऋषिकेश के व्यापारियों में खुशी
