दरअसल, 17 अगस्त को संजय कुमार ने एक्स पोस्ट में लिखा था कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में कुछ विधानसभा सीटों पर वोट घटे और बढ़े थे। बाद में 19 अगस्त को संजय कुमार ने एक्स पोस्ट में कहा कि उनके आंकड़े में गलती हुई है और इसके लिए वे माफी मांगते हैं। इसके बाद निर्वाचन आयोग के कुछ अधिकारियों ने दो एफआईआर दर्ज कराया। एक एफआईआर नासिक में दर्ज किया गया जबकि दूसरा नागपुर में। ये दोनों एफआईआर भारतीय न्याय संहिता की धारा 175, 353 (1)(बी), 212, 340 (1)(2) और 356 के तहत दर्ज किए गए।
संजय कुमार ने इन दोनों एफआईआर को निरस्त करने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि एफआईआर में उनके खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं वे आधारहीन हैं और सरकार की शक्तियों का बेजा इस्तेमाल है। याचिका में कहा गया है कि झूठी सूचना के बारे में ट्वीट करना फर्जीवाड़ा जैसे आरोप लगाने वाली एफआईआर दर्ज करने का आधार नहीं हो सकता है।
