मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल ने बताया कि अब तक जिले में बर्ड फ्लू का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। एहतियातन जिले की सीमाओं पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। टनकपुर सीमा से मुर्गियों व अंडों के व्यापार को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इसके साथ ही, जिले के बाहर से मुर्गियों और अंडों के आयात पर अगले एक सप्ताह तक पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। पशुपालन विभाग को पोल्ट्री फार्मों की नियमित जांच, आवश्यक दवाओं व डिसइन्फेक्टेंट का छिड़काव करने और संचालकों को रोग की रोकथाम संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि किसी भी पोल्ट्री फार्म या क्षेत्र में पक्षियों की असामान्य मृत्यु की स्थिति में तुरंत नमूनों की जांच कराई जाए।
उन्होंने पुलिस और प्रशासन को सीमा क्षेत्रों में संयुक्त गश्त करने, चौक-चौराहों, मंडियों और बाजारों में सघन चेकिंग करने के भी निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने किसानों, पोल्ट्री संचालकों और व्यापारियों से अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करें और जिले के बाहर से किसी भी प्रकार के पक्षी या अंडे न लाएँ। आमजन से भी अनावश्यक रूप से पक्षियों के संपर्क से बचने और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी गई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती, अपर जिलाधिकारी जयवर्धन शर्मा, उप जिलाधिकारी अनुराग आर्य, मुख्य चिकित्साधिकारी, नगर पालिका अधिकारी, पुलिस विभाग सहित विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
