श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन पूर्व IAS नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर खुलेआम डाका डाला गया। मंदिर का पूरा मैनेजमेंट बदल देना चाहिए। ये लोगों के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात है। बैंक के लोगों ने जिम्मेदारी नहीं निभाई। इससे बड़ी लापरवाही क्या ही हो सकती है। ये बातें नृपेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को ABP न्यूज से बातचीत में कहीं। उन्होंने कहा, काउंटिंग प्रक्रिया से जुड़े सबूत से मालूम पड़ता है कि पूरी व्यवस्था में निगरानी करीब शून्य थी और विजिलेंस का गंभीर अभाव था। जबकि, बैंक और ट्रस्ट के बीच हुए समझौते में स्पष्ट रूप से तय था कि दान की गिनती और उसका हिसाब-किताब रखने की जिम्मेदारी बैंक की होगी। उन्होंने चढ़ावा चोरी में कमियों को गिनाते हुए कहा कि इससे जुड़े विवाद ने मंदिर की देखरेख और जवाबदेही व्यवस्था में बड़ी खामियों को उजागर किया है। नृपेंद्र मिश्रा की बड़ी 4 बड़ी बातें…. 1. दान-चढ़ावे की व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी चढ़ावा चोरी का मामला इससे पहले सामने आए जमीन खरीद विवाद से अधिक गंभीर और चुनौतीपूर्ण है। जमीन खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई थी। वह घटना एक चेतावनी थी कि अगर व्यवस्थाओं में पारदर्शिता नहीं होगी तो कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं। दान या चढ़ावे को लेकर बहुत पारदर्शिता रखी जानी चाहिए। रोजाना हिसाब का लेखा-जोखा वेबसाइट पर आना चाहिए। गाइडलाइन में लिखा है कि बिना जेब वाले कपड़े पहनने चाहिए। प्रवेश के समय और बाहर जाते समय पूरी जांच हो। चर्चा है कि लोग पॉकेट में गड्डियां लेकर बाहर गए। दिशा-निर्देश अच्छे हैं, लेकिन उनके क्रियान्वयन में कमी रह गई। 2. बैंक ने अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभाईं पूरी प्रक्रिया में SBI के रोल को भी देखना होगा। SBI इससे बच नहीं सकता, काउंटिंग की जिम्मेदारी उनकी है। समझौते में लिखा है कि SBI काउंटिंग कराएगा। बहुमूल्य धातु को लेकर भी SIT जांच करेगी। श्रद्धालुओं ने दान पात्र में अंगूठियां, कान के गहने और सोने की चूड़ियां भी डालीं। दान पात्र में डाले गए आभूषणों की रसीद नहीं है। शुरुआती तथ्यों से यह प्रतीत हो रहा है कि बैंक ने अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया। काउंटिंग रूम में बैंक को अपने कर्मचारियों की तैनाती करनी थी, मगर ऐसा नहीं किया गया। आखिर ऐसा क्यों हुआ, यह अब जांच का विषय है और एसआईटी इसकी पड़ताल करेगी। 3. चंपत राय से निगरानी में कमी हुई श्रद्धालुओं के विश्वास में आई कमी को ठीक करना है। मैनेजमेंट के दो हिस्से होते हैं- निष्ठा और निगरानी। पहला हिस्सा- कर्मचारियों की निष्ठा के प्रति विश्वास रखना। दूसरा हिस्सा- कर्मचारियों की निगरानी रखना। निष्ठा और निगरानी एक सिक्के के दो पहलू हैं। चंपत राय की निष्ठा में कमी नहीं है। उनसे निगरानी में कमी हुई है। मुझे मंदिर के चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित गड़बड़ियों पर दुख है। 3. कभी 4 तो कभी 10 करोड़ से ज्यादा दान आया
चढ़ावे में चोरी कब से हो रही इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। SIT जांच कर रही है, मैं अनुमान नहीं लगाऊंगा। मेरी कोशिश रहती है कि ट्रस्ट के काम में दखल न दूं। चढ़ावे में चोरी की ख़बरों के बाद अलग से जानकारी जुटाई। पिछले 3 साल में हर महीने कितना पैसा आया इसकी जानकारी जुटाई। कभी 4 करोड़ तो कभी 10 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा आया। SIT ने अनिल मिश्र और SBI के ब्रांच मैनेजर से पूछताछ की राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) लगातार 5वें दिन अयोध्या पहुंची। टीम ने राम मंदिर टेस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव से अलग-अलग बातचीत की है। जबकि स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के ब्रांच मैनेजर और पहले के ब्रांच मैनेजर को बुलाकर उनसे भी पूछताछ की है। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र से करीब 4 घंटे तक पूछताछ की। टीम ने अनिल मिश्र से राम मंदिर दान की रकम की गिनती और रख-रखाव समेत इसे बैंक में जमा करने की प्रकिया जानी। इसमें उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से समझा। योगी बोले- SIT दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ आज (शुक्रवार) को अयोध्या पहुंचे। हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद राम मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन किए। योगी ने जनसभा में कहा- सपा के दोहरे चरित्र को देखो, कहती है कि राम भक्तों का अपमान हुआ है। कारसेवकों और रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले लोग उपदेश देने चले हैं। हमने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बैठाई। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी। सपा प्रमुख और पूर्व मंत्री ने चोरी का मुद्दा उठाया था सपा सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने रविवार 7 जून को दावा किया था कि राम मंदिर से 5 से साढ़े 7 करोड़ रुपए तक की चोरी की गई। अखिलेश ने भी कहा था कि मामले पर सरकार की चुप्पी संदिग्ध है। कोर्ट को मामला देखना चाहिए। चंपत राय ने सफाई दी थी कि अभी तक ऐसी कोई भी बात सामने नहीं आई है। 13 जून, 2026 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर योगी सरकार ने 3 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई थी। 15 जून को लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत की अगुआई में SIT की टीम अयोध्या पहुंची। SIT ने 5 दिन में किससे पूछताछ की, जानिए- पहला दिन- SIT ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से जानकारी ली। चोरी के मामले में जिन कर्मचारियों पर शक है, उन्हें ट्रस्ट के एक कमरे में बैठाया गया था। ऐसे करीब 8 से 10 कर्मचारी थे। इन लोगों से करीब 6 घंटे पूछताछ की गई। दूसरा दिन- टीम ने चंपत राय और गोपाल राव से चार-चार घंटे तक सवाल-जवाब किए। तीसरा दिन- जांच टीम ने बैंक अधिकारियों और नोटों की गिनती से जुड़ी निजी एजेंसी के प्रतिनिधियों से पूछताछ की। इस दौरान बैंक स्टेटमेंट और वित्तीय रिकॉर्ड की भी पड़ताल की गई। चौथे दिन- टीम करीब 10 घंटे तक मंदिर परिसर में रही। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र से करीब 4 घंटे तक पूछताछ की। अनिल मिश्र से राम मंदिर दान की रकम की गिनती और रख-रखाव समेत इसे बैंक में जमा करने की प्रकिया जानी। इसमें उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से समझा। अनुकल्प मिश्र और लवकुश मिश्र आदि की नियुक्ति की प्रकिया और उसमें अनिल मिश्र की भूमिका को भी समझा। टीम ने टिन्नू यादव से भी डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। अनिल के बताए गए जवाब पर टिन्नू यादव की राय लेकर क्रॉस चेक किया। पांचवा दिन- SIT लगातार 5वें दिन अयोध्या पहुंची। टीम ने राम मंदिर टेस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव से अलग-अलग बातचीत की है। जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर और पहले के ब्रांच मैनेजर को बुलाकर उनसे भी पूछताछ की है। अब तक 2 करोड़ की बरामदगी चढ़ावा चोरी मामले में अब तक 5 लोगों- लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू के नाम सामने आए हैं। इन लोगों की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपए की रिकवरी हुई है। ये सभी दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े हैं। मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर से 13 जून को सोना मिला। हालांकि, सोना कितना है, यह अभी कन्फर्म नहीं है। चढ़ावा चोरी से जुड़ी हुई ये खबरें भी पढ़ें- राममंदिर आने वाला हर श्रद्धालु क्या ₹5 दान कर रहा:ट्रस्ट के दस्तावेजों में चौंकाने वाले फैक्ट दावा- सोने-चांदी की 1250 श्रीराम शिलाएं गायब:सबसे महंगी शिला मॉरीशस से आई थी; मुंबई के व्यापारी ने हीरे जड़ी शिला दान दी थी राम मंदिर से क्या 200 करोड़ का चढ़ावा चोरी हुआ:50 कर्मचारी रडार पर, कई 5 साल में करोड़पति हुए; अब तक 2 करोड़ कैश मिला राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के 3 जिम्मेदार:चंपत राय ने ट्रस्ट के सदस्यों से चोरी छिपाई; गोपाल राव ने CCTV चेक नहीं किए …………… ये खबर भी पढ़ें… चढ़ावा चोरी मामले के बीच योगी राम मंदिर पहुंचे:अयोध्या में कहा- अपराधी कोई हो, नहीं बचेगा; 500 साल इंतजार किया, 15 दिन और कर लीजिए राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच सीएम योगी शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद राम मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन किए। वहीं इस दौरान चंपत राय योगी के कार्यक्रम से दूर रहे। वो राम जन्मभूमि से 4 किमी दूर कारसेवकपुरम में थे। पूरी खबर पढ़िए…
नृपेंद्र मिश्रा बोले- राम मंदिर चढ़ावे पर डाका डाला गया:मंदिर ट्रस्टी ने कहा- विश्वासघात हुआ, पूरा मैनेजमेंट बदलना चाहिए
