कहते हैं प्यार अंधा होता है, लेकिन जब डेटिंग एप वाले प्यार में कोई आंख मूंदकर लाखों रुपए लुटाने लगे, तो अंजाम अदालत तक पहुंच जाता है। यूपी के मत्स्य विभाग में सहायक निदेशक पद पर तैनात दीपांशु के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। डेटिंग एप पर उनकी मुलाकात ‘सनलाइट’ नाम की लड़की से हुई। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार और फिर शादी के वादे में बदली। इसके बाद साहब ने दिल और तिजोरी दोनों खोल दीं। हर महीने महंगी शॉपिंग और गिफ्ट से शुरू हुआ सिलसिला प्रेमिका के नाम प्लॉट खरीदने तक जा पहुंचा। डेढ़ साल में अफसर ने कुल 25 लाख 13 हजार 343 रुपए खर्च कर दिए। कहानी में ट्विस्ट तब आया, जब लड़की के परिवार ने दीपांशु पर जाति छिपाने का आरोप लगाते हुए शादी से इनकार कर दिया। अब अफसर ने लड़की और उसके परिवार पर केस किया है। आज की संडे बिग स्टोरी में इस कहानी को शुरू से समझते हैं… 5 महीने में 2 लाख रुपए की शॉपिंग कराई कानपुर के बिल्हौर इलाके के दीपांशु को 2023 में यूपी सरकार के मत्स्य विभाग में नौकरी मिली। पहली पोस्टिंग वाराणसी में हुई। अगले साल उनका ट्रांसफर बलरामपुर जिले में सहायक निदेशक का पद पर हो गया। इसी साल उन्होंने ‘Truly Madly’ नाम के डेटिंग एप पर अकाउंट बनाया। इसी एप के जरिए 28 जून, 2024 को दीपांशु की जान-पहचान ‘सनलाइट’ से हुई। सनलाइट हरदोई के हरदयालपुर की रहने वाली है। उस समय प्रयागराज में रहकर पढ़ाई कर रही थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और दोस्ती हो गई। दीपांशु और सनलाइट के बीच मुलाकात होने लगी। दीपांशु बताते हैं कि उन्होंने 10 जुलाई, 2024 को सनलाइट को 17 हजार रुपए कैश दिए। अगले महीने यानी अगस्त की 11 तारीख को फिर से प्रयागराज आए। सनलाइट को 21 हजार रुपए की शॉपिंग करवाई। 22 हजार रुपए का मोबाइल गिफ्ट किया। दीपांशु हर महीने बलरामपुर से प्रयागराज आते और सनलाइट को महंगे गिफ्ट देते। सितंबर में दीपांशु ने सनलाइट को लहंगा खरीदकर दिया, वजन कम करने की किट खरीदी। उसके बीमार पिता के लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदा। दीपांशु ने जुलाई से लेकर दिसंबर तक सनलाइट को कैश और गिफ्ट देने पर करीब 2 लाख रुपए खर्च कर दिए। 15 लाख पर्सनल लोन लेकर लड़की के नाम प्लॉट खरीदा 2025 आते-आते दीपांशु और सनलाइट की प्यार में बदल चुकी थी। यह भी लगभग तय हो गया था कि आगे चलकर दोनों शादी करेंगे। 28 जनवरी को दीपांशु ने सनलाइट के नाम 6 लाख रुपए सालाना की पॉलिसी खरीद ली। सनलाइट साल-2019 में डीएलएड कर चुकी थी और शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रही थी। उसने दीपांशु से UPPSC की तैयारी की इच्छा जताई। दीपांशु ने हामी भर दी और डेढ़ लाख रुपए खर्च करके प्रयागराज की ही एक कोचिंग में फाउंडेशन कोर्स में एडमिशन करा दिया। दोनों के बीच सब कुछ बहुत तेजी से चल रहा था। अप्रैल महीने में दीपांशु ने सनलाइट के नाम जमीन भी खरीद ली। 1200 वर्गफीट का यह प्लॉट लखनऊ के तकरोही में खरीदा गया। रजिस्ट्री में सनलाइट की बड़ी बहन मूनलाइट गवाह बनी। दीपांशु का कहना है कि इस जमीन के लिए 15 लाख रुपए का पर्सनल लोन लिया था। जमीन की बाउंड्री के लिए 70 हजार रुपए अलग से दिए थे। जुलाई, 2025 में सनलाइट बलरामपुर आई तो उसकी बहनों के लिए सोने के कुंडल, तोड़िया, बिछिया खरीदकर दीं। दीपांशु के मुताबिक, उन्होंने सनलाइट और उनके परिवार के ऊपर कुल 25 लाख 13 हजार 343 रुपए खर्च किए। अब वे इन्हीं पैसों को वापस चाहते हैं, इसके लिए उन्होंने केस किया है। जब सब ठीक था तो बात बिगड़ी कैसे…? जाति छिपाई, इसलिए सनलाइट ने रिश्ता तोड़ा इस सवाल के जवाब के लिए हमने सबसे पहले सनलाइट के घरवालों से बात की। उसके परिवार में मां उमा देवी और भाई अल्बर्ट डेविड हैं। मां हरदयालपुर केंद्रीय विद्यालय में शिक्षामित्र हैं। 2000 से 2005 के बीच हरदयालपुर गांव की प्रधान रही हैं। पिता रावेंद्र सिंह यादव की 10 अप्रैल, 2026 को मौत हो चुकी है। सनलाइट की बड़ी दो बहनें हैं, सबसे बड़ी मूनलाइट और फिर स्नोव्हाइट। दोनों सरकारी टीचर हैं। भाई अल्बर्ट कानपुर से MBBS कर रहा है। स्नोव्हाइट कहती है- हमने अपनी छोटी बहन सनलाइट को प्रयागराज पढ़ाई के लिए भेजा था। हमें पता ही नहीं चला कि वहां ये किसके संपर्क में आ गई? धीरे-धीरे उसकी लाइफस्टाइल बदल गई। वो अच्छे कपड़े पहनने लगी। पहले हर महीने घर आती थी, बाद में कई-कई महीने बाद घर आती थी। पूछने पर कहती कि PCS का फाउंडेशन कोर्स लिया है। उसी की पढ़ाई कर रही हूं। हम लोगों को भी ठीक लगा। स्नोव्हाइट कहती है- कुछ वक्त के बाद सनलाइट अपनी ही दुनिया में रहने लगी। उसे हम लोगों से मतलब ही नहीं था। हम लोगों ने पूछा, तो उसने दीपांशु के बारे में बताया। बोली कि आगे हम लोग शादी करेंगे। हम लोगों ने भी कुछ नहीं कहा। लेकिन, बाद में पता चला कि दीपांशु ने अपनी जाति छिपाई है। इसके बाद सनलाइट उनसे अलग हो गई। दीपांशु ने हम लोगों पर मुकदमा लिखवा दिया। स्नोव्हाइट कहती है- दीपांशु तो अधिकारी हैं। उन्होंने सनलाइट पर पैसा क्यों खर्च किया? क्या हम लोगों से पूछा? फिर कैसे कह रहे हैं कि मेरी बहन ने उनसे पैसा ठगा है? उन्हें लगता है कि मैं और मेरी दूसरी बहन सरकारी टीचर हैं तो पैसा दे देंगे, इसलिए दीपांशु ने केस किया है। जबकि, हकीकत यह है कि उन्होंने मेरी बहन की जिंदगी खराब कर दी। इस घटना के बाद मेरी बहन डिप्रेशन में चली गई है। अब दीपांशु के हिस्से की कहानी जान लीजिए… लड़की के घरवाले रेप केस में फंसाने की धमकी देते हैं सनलाइट के परिवार के आरोपों पर दीपांशु कहते हैं- जब हमारी बातचीत शुरू हुई, उसके कुछ ही दिन बाद ही सनलाइट के घरवालों को सब पता चल गया था। इन लोगों को मेरी नौकरी पर शक था, प्रूफ मांगा था। हमने दिया भी था। जाति छिपाने की बात सरासर झूठ है। इन्हें पता था कि मैं दलित हूं। अंतरजातीय विवाह कोई अपराध तो है नहीं। इसलिए दोनों ने तय किया था कि शादी करेंगे। दीपांशु कहते हैं- जिस वक्त मैं सनलाइट के नाम लखनऊ में प्लॉट ले रहा था, उस वक्त भी उनके घरवालों को पता था। इनकी बड़ी बहन मूनलाइट खुद उसमें गवाह है। उनके भाई अल्बर्ट से मेरे अच्छे रिश्ते रहे हैं। कभी किसी तरह की दिक्कत नहीं आई। बाद में इन लोगों ने बात करनी बंद कर दी। अब वो और उसके परिवारवाले जातिसूचक गाली देते हैं। रेप केस में फंसाने की धमकी देते हैं। हमने दीपांशु से पूछा कि अब आप इस मामले में क्या चाहते हैं? उन लोगों को सजा मिले या समझौता हो? दीपांशु कहते हैं- मुझे विवाद पसंद नहीं। अगर वो लोग मेरा पैसा दे देते हैं, लखनऊ वाला प्लॉट वापस कर देते हैं तो आगे कार्रवाई करवानी है या नहीं, इस पर विचार करेंगे। ————————- ये खबर भी पढ़ें… वीडियो बनाकर करोड़पति बन रहे क्रिएटर, कोई ‘हलो फ्रेंडा’ से हिट, कोई ‘बिस्कुट का रेट’ पूछकर फेमस औरैया की शिवानी कुमारी। एक वीडियो में हैलो फ्रैंड की जगह हलो फ्रेंडा बोलकर वायरल हो गईं। उनकी बोलने की अलग स्टाइल ही पहचान बनी। आज इनकी नेटवर्थ करोड़ों में है। मेरठ के शादाब जकाती। 10 रुपए वाला बिस्कुट कितने का है जी… वीडियो से फेमस हो गए। पूरी खबर पढ़ें…
यूपी के अफसर ने लड़की पर लुटाए 25 लाख रुपए:डेटिंग एप पर हुआ प्यार, शादी से इनकार पर केस किया
