करनाल में पुलिस टीम पर हमला, वर्दी फाड़ी:बंधक बनाया, सरकारी गाड़ी में तोड़फोड़, मारपीट की सूचना पर गई थी टीम

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करनाल के कर्ण विहार क्षेत्र में मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर हमला करने, एक कर्मचारी को कमरे में बंधक बनाने और सूए से जानलेवा वार करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस कर्मियों के साथ गाली-गलौज की, उनकी वर्दी फाड़ दी और सरकारी गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए। घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और बंधक बनाए गए कर्मचारी को छुड़वाकर अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है और जांच शुरू कर दी है। रात 1:27 बजे मिली थी मारपीट की सूचना बीती रात ईएएसआई संजय कुमार, ईएचसी दिलबाग और ड्राइवर एसपीओ प्रवीन कुमार ईआरवी 434 पर तैनात थे। रात करीब 1 बजकर 27 मिनट पर इवेंट के तहत कर्ण विहार गली नंबर 20बी निवासी मनक सिंह की ओर से मारपीट की कॉल मिली। सूचना मिलते ही टीम करीब 1 बजकर 40 मिनट पर मौके पर पहुंच गई। कॉलर ने पड़ोसी पर लगाया मारपीट का आरोप मौके पर कॉलर मनक सिंह ने बताया कि उसके पड़ोसी ओमकार और अन्य युवक उनके घर में पीछे से घुस आए और उसकी माता के साथ मारपीट कर तोड़फोड़ की। उसने पहले भी इस मामले की शिकायत थाना में दी हुई थी। इसके बाद उसने ओमकार के घर के बाहर खड़े होकर उसे आवाज दी और मामले के बारे में पूछताछ करनी चाही। घर के अंदर बुलाकर किया हमला ओमकार ने गेट खोलकर अंदर आने को कहा। जैसे ही मनक सिंह अंदर गया, वहां मौजूद एक अन्य युवक ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि युवक ने कहा कि तुम रोज अपने पड़ोसी के कहने पर पुलिस लेकर आते हो। जब समझाने की कोशिश की गई तो युवक ने हाथापाई शुरू कर दी, वर्दी फाड़ दी और डंडे से सरकारी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। तलवार से जानलेवा हमला करने का आरोप शिकायत में बताया गया कि उसी युवक ने चारपाई पर रखी एक तलवार को उठाकर जान से मारने की नीयत से वार किया। बचाव में हाथ पकड़ने पर तलवार का पिछला हिस्सा छाती पर लगा। शोर सुनकर ईएचसी दिलबाग मौके पर पहुंचे और समझाने का प्रयास किया, जबकि एसपीओ प्रवीन कुमार ने तुरंत घटना की सूचना ड्यूटी ऑफिसर को दी। पुलिस कर्मचारी को कमरे में किया बंद आरोप है कि इसी दौरान ओमकार के परिवार के लोगों ने ईएचसी दिलबाग को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया। बंधक बनाए जाने की सूचना मिलते ही ईआरवी-435, ईआरवी-414 और थाना सेक्टर 32-33 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस बल की मदद से दिलबाग को कमरे से बाहर निकाला गया। दिलबाग के साथ भी मारपीट और जानलेवा वार शिकायतकर्ता दिलबाग ने बताया कि ओमकार और उसके परिवार के लोगों ने उसकी वर्दी फाड़ दी और उसका मोबाइल फोन छीन लिया। इसके बाद ओमकार की माता और उस युवक ने उसके दोनों हाथ पकड़ लिए और कहा कि इसने थानेदार को छुड़वाया है, इसे तलवार से मारेंगे। आरोप है कि ओमकार ने सुएनुमा तेजधार हथियार से उसकी कमर के ऊपर कई वार किए। आरोपी मौके से फरार पुलिस की गाड़ियों को देखकर सभी आरोपी मौके से भाग गए। घायल पुलिस कर्मियों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां ईएचसी दिलबाग की हालत ज्यादा गंभीर होने के कारण उसका उपचार जारी है। केस दर्ज, जांच शुरू थाना सेक्टर 32-33 के एसएचओ सतीश कुमार ने बताया कि संजय कुमार की शिकायत पर ओमकार, उसकी माता और एक अज्ञात युवक निवासी कर्ण विहार गली नंबर 20 बी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोपियों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस कर्मियों को बंधक बनाने, तेजधार हथियार से जान से मारने की कोशिश करने और सरकारी गाड़ी को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले में ओंकार को डिटेन किया गया है। मामले की जांच जारी है।