हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप तिर्की ने आज जारी शोक संदेश में कहा,”आज हॉकी इंडिया के लिए बेहद दुख का दिन है। डॉ. पेस का निधन भारतीय हॉकी के एक सुनहरे युग का अंत है। म्यूनिख ओलंपिक का मेडल उनकी धैर्य और दृढ़ निश्चय का प्रमाण है। मुझे उनसे कुछ बार मिलने का अवसर मिला और हमेशा उनके खेल के प्रति जुनून से प्रेरणा मिली। वह देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रबल समर्थक थे। हम हॉकी इंडिया की ओर से उनकी पत्नी जेनिफर, बेटे लिएंडर और पूरे परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं।”
हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा,”हॉकी इंडिया की ओर से हम लिएंडर, उनकी मां और पूरे परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं। खेल और खेल विज्ञान में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा और उनकी विरासत हमेशा जीवित रहेगी।”
डॉ. वीसे पेस का जन्म अप्रैल 1945 में गोवा में हुआ था। वह खेल और शिक्षा दोनों में उत्कृष्ट रहे। हॉकी के अलावा उन्होंने डिविजनल क्रिकेट, फुटबॉल और रग्बी में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। रग्बी के प्रति उनके प्रेम ने उन्हें 1996 से 2002 तक इंडियन रग्बी फुटबॉल यूनियन का अध्यक्ष बनाया। वह स्पोर्ट्स मेडिसिन के डॉक्टर थे और कोलकाता क्रिकेट एंड फुटबॉल क्लब के अध्यक्ष भी रहे। उनके बेटे टेनिस स्टार लिएंडर पेस कई बार बता चुके हैं कि उनके पिता ने ही उन्हें ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने का जुनून और प्रेरणा दी थी।
